पाँच राज्यों के विधान सभा चुनाव : सभी गणनाएँ


जय श्री राम ……… आदरणीय मित्रो, अपनी 02 फ़रवरी की पोस्ट में हमने उत्तर प्रदेश, मणिपुर, गोवा, पंजाब व उत्तराखण्ड (निर्माण-तिथि 09-11-2000) के विधान सभा चुनाव से सम्बन्धित भविष्यवाणी प्रस्तुत की थी| इसके बाद 09 फ़रवरी की पोस्ट में उत्तराखण्ड की निर्माण-तिथि 01-01-2007 लेकर भविष्यवाणी प्रस्तुत की| उत्तराखण्ड की इन दोनों भविष्यवाणियों में परिणामगत आमूल-चूल अन्तर नहीं आया यानि पहले वाली भविष्यवाणी में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस यानि भाराकां पूर्ण बहुमत से सरकार बनाती नज़र आ रही है तो दूसरी भविष्यवाणी में सरकार कांग्रेस की ही बन रही है और वह भी पूर्ण बहुमत से| हाँ, पहली भविष्यवाणी की तुलना में दूसरी भविष्यवाणी में कांग्रेस की सीटें अवश्य कुछ कम हो गयीं|

हमारे कई मित्रों, शुभचिंतकों, नियमित पाठकों ने हमसे यह इच्छा प्रकट की कि हमारी ऐसी गणना का जो अन्तिम रूप प्रस्तुत करते हैं, वह किन-किन प्रक्रियाओं से होकर अपने अन्तिम रूप तक पहुँचती है? तो हमने यह निर्णय किया कि हम आप सभी को अपनी उस आकलन-विश्लेषण-प्रक्रिया से अवगत करवाएँ, जिससे आपको भी पता चले कि अपनी एक भविष्यवाणी के पीछे हमारी मेहनत का किस रूप में रहती है? हालांकि पूरी प्रक्रिया तो फिर भी यहाँ रख पाना सम्भव नहीं है क्योंकि वह बहुत लम्बी है|

उत्तर प्रदेश

सबसे पहले बात करते हैं देश के सबसे बड़े ‘राजनीतिक राज्य’ उत्तर प्रदेश की| हमने इस राज्य के लिए कुल छह विधियों से गणना की|

राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों सहित गणना का परिणाम

                               (1)    राष्ट्रीय लोक दल सहित               (2) राष्ट्रीय लोक दल रहित

समाजवादी पार्टी      70 सीटें (कम-अधिक 7)                    88 सीटें (कम-अधिक 9)

बहुजन समाज पार्टी   93 सीटें (कम-अधिक 9)                    95 सीटें (कम-अधिक 10)

भाजपा +           176 सीटें (कम-अधिक 18)                       176 सीटें (कम-अधिक 18)

भाराकां             34 सीटें (कम-अधिक 3)                             44 सीटें (कम-अधिक 4)

राष्ट्रीय लोक दल     09 सीटें (कम-अधिक 1)

अन्य               20 सीटें                                                       अन्य-20 सीटें (कम-अधिक 2/इस में रालोद की 09 सीटें हैं)

राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों रहित गणना का परिणाम

                                (3) राष्ट्रीय लोक दल सहित     (4)  राष्ट्रीय लोक दल रहित

समाजवादी पार्टी      86 सीटें (कम-अधिक 9)          103 सीटें (कम-अधिक 10)

बहुजन समाज पार्टी   95 सीटें (कम-अधिक 10)       90 सीटें (कम-अधिक 9)

भाजपा +           179 सीटें (कम-अधिक 18)            168 सीटें (कम-अधिक 17)

भाराकां             35 सीटें (कम-अधिक 4)                 42 सीटें (कम-अधिक 4)

राष्ट्रीय लोक दल     08 सीटें (कम-अधिक 1)

अन्य               20 सीटें                                              अन्य-20 सीटें (कम-अधिक 2/इस में रालोद की 09 सीटें हैं)

राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों सहित गणना का परिणाम

                               (5) राष्ट्रीय लोक दल सहित        (6) राष्ट्रीय लोक दल रहित

समाजवादी पार्टी      89 सीटें (कम-अधिक 9)          109 सीटें (कम-अधिक 11)

बहुजन समाज पार्टी   95 सीटें (कम-अधिक 10)       88 सीटें (कम-अधिक 9)

भाजपा +           178 सीटें (कम-अधिक 18)            167 सीटें (कम-अधिक 17)

भाराकां             32 सीटें (कम-अधिक 4)                39 सीटें (कम-अधिक 4)

राष्ट्रीय लोक दल     09 सीटें (कम-अधिक 1)

अन्य               20 सीटें                                            अन्य-20 सीटें (कम-अधिक 2/इस में रालोद की 09 सीटें हैं)

हमने इन में से छठी गणना को अन्तिम रूप से चयनित किया| अब 11 मार्च को पता चलेगा कि इन में से हमारी कौनसी गणना सही साबित होती है?

पंजाब

अब बात करते हैं पंजाब की| इस राज्य के लिए हमने तीन विधियों से गणना की|

              (1)राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों       (2)राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों         (3)राष्ट्रीय पार्टियों के

                    के प्रदेशाध्यक्षों सहित                     के प्रदेशाध्यक्षों रहित                      प्रदेशाध्यक्षों सहित

शिअद       21 सीटें (कम-अधिक 2)               21 सीटें (कम-अधिक 2 )            20 सीटें (कम-अधिक 2)

भाजपा      06 सीटें (कम-अधिक 1)               6 सीटें (कम-अधिक 1)              6 सीटें (कम-अधिक 1)

भाराकां      53 सीटें (कम-अधिक 5)              49 सीटें (कम-अधिक 5)            49 सीटें (कम-अधिक 5)

आआपा     37 सीटें (कम-अधिक 4)               41 सीटें (कम-अधिक 4)            42 सीटें (कम-अधिक 4)

अन्य-06 सीटें (कम-अधिक 1)                      06 सीटें (कम-अधिक 1)            06 सीटें (कम-अधिक 1)

उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड राज्य की भविष्यवाणी हमने पहले भाग में दो विधियों से आकलन-विश्लेषण कर की थी| यहाँ हमने इस राज्य के जन्म से गणना की थी| तब इसका नाम ‘उत्तराँचल’ नाम काम में लिया था| इस में दो तरह से गणना की थी|

                     (1)    राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों सहित      (2) राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों रहित   

भाराकां                41 सीटें (कम-अधिक 4)                         50 सीटें (कम-अधिक 5)

भाजपा                29 सीटें (कम-अधिक 3)                         20 सीटें (कम-अधिक 2)

अन्य                    04 सीटें                                                                   4 सीटें

इन में से हमने पहले वाली गणना को अन्तिम रूप से चयनित किया|

उत्तराखण्ड राज्य को लेकर दूसरी गणना हमने इस राज्य का नाम ‘उत्तराँचल’ से ‘उत्तराखण्ड’ किए जाने की दिनांक से की| इस में हमने एक ही विधि से गणना की|

(1)    राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों सहित         

भाराकां 38 सीटें (कम-अधिक 4)

भाजपा 32 सीटें (कम-अधिक 3)

अन्य  04 सीटें

गोवा

इस राज्य की भविष्यवाणी तैयार करने में हमने दो विधियाँ काम में लीं|

                   (1)    राष्ट्रीय पार्टियों के                (2) राष्ट्रीय पार्टियों के

                       प्रदेशाध्यक्षों सहित                    प्रदेशाध्यक्ष रहित      

भाजपा+        07 सीटें (कम-अधिक 1)               07 सीटें (कम-अधिक 1)

भाराकां         14 सीटें (कम-अधिक 1)               15 सीटें (कम-अधिक 2)

आआपा        12 सीटें (कम-अधिक 1)                12 सीटें (कम-अधिक 1)

मगोपा           05 सीटें (कम-अधिक 1)                05 सीटें (कम-अधिक 1)

शिसे              01 सीट                                         01 सीट

गोसुमं            01 सीट                                        01 सीट

अन्य              02 सीटें                                        02 सीटें

मणिपुर

इस राज्य की हमने तीन विधियों से गणना की|

                      (1)राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों       (2)राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों     (3)राष्ट्रीय पार्टियों के

                          के प्रदेशाध्यक्षों सहित                     के प्रदेशाध्यक्षों रहित                     प्रदेशाध्यक्षों सहित

तृमूकां             12 सीटें (कम-अधिक 1)               14 सीटें (कम-अधिक 1 )           20 सीटें (कम-अधिक 2)

भाजपा            20 सीटें (कम-अधिक 2)             16 सीटें (कम-अधिक 2)           6 सीटें (कम-अधिक 1)

भाराकां           25 सीटें (कम-अधिक 3)              27 सीटें (कम-अधिक 3)           49 सीटें (कम-अधिक 5)

नपीफ्र             03 सीटें                                        03 सीटें                                      42 सीटें (कम-अधिक 4)

अन्य-             03 सीटें                                        03 सीटें                                       03 सीटें

इस प्रकार हमने अपनी भविष्यवाणी की आधार-गणनाएँ आपके सम्मुख रख दी हैं| इसके पीछे हमारा उद्देश्य यही है कि आप इन भविष्यवाणियों की विधि व इस में हमारी मेहनत से भी परिचित हो जाएँ| अब 11 मार्च को आने वाले मतगणना के परिणामों को अंक ज्योतिष के विद्यार्थी होने के नाते भविष्य की गणनाओं में काम लेंगे| ……… जय श्री राम

 विधान सभा चुनाव-2017 :: उत्तराखण्ड : किसे कितनी सीटें : भाग-2 : बाज़ी फिर भी कांग्रेस के हाथ 


जय श्री राम ………| आदरणीय मित्रो, हमारी ‘कृपात्रयी’ (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) की कृपा से हालिया विधान सभा चुनावों सम्बन्धी भविष्यवाणी के पहले चरण में अब प्रस्तुत है उत्तराखण्ड की बात का दूसरा भाग| पहले हमारा विचार यह दूसरा भाग तैयार करने का नहीं था, मगर फिर सोचा कि उत्तराखण्ड के साथ एक विचित्र बात है| निर्माण के समय इस राज्य का नाम ‘उत्तराँचल’ था, मगर बाद में 01 जनवरी, 2007 को ‘उत्तराखण्ड’ कर दिया गया| हमने इस राज्य सम्बन्धी भविष्यवाणी के पहले भाग में इस राज्य के निर्माण की दिनांक 09 नवम्बर, 2000 काम में ली है| उसके अनुसार किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, यह हम बता ही चुके हैं| फिर हमने सोचा कि इस राज्य का नाम जब ‘उत्तराखण्ड’ रखा गया, उस दिनांक से भी गणना कर देखें क्योंकि यह तो स्पष्ट नहीं हो रहा है कि उक्त दोनों में से कौनसी दिनांक अन्तिम रूप से निश्चित है? पिछले विधान सभा चुनाव में हमारी भविष्यवाणी ग़लत ठहरी थी| इस बार अतिरिक्त सावधानी के रूप में हमने यह प्रयास भी कर लेने की सोची| यह प्रयास और कुछ नहीं, अंक ज्योतिष के विद्यार्थी के नाते एक ईमानदारीभरा प्रयास मात्र है| इस राज्य के नाम-परिवर्तन वाली दिनांक यानि 01 जनवरी, 2007 काम लेने से मूलांक, भाग्यांक, आयु-अंक, दिन-अंक के साथ-साथ विधान सभा अंक भी बदल गया है| इस गणना में राष्ट्रीय पार्टियों भाजपा व कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्षों को सम्मिलित किया गया है| शेष दलों व निर्दलियों को हमने ‘अन्य’ के अन्तर्गत लिया है| तो आइए, देखते हैं कि उत्तराखण्ड की यह दिनांक काम लेने से क्या तस्वीर उभर कर आती है?

गणनीय अंक

उत्तराखण्ड:-मूलांक:-1   भाग्यांक:-2   आयु-अंक:-2 (11 वाँ)     नामांक:-8     दिन-अंक:-2, 7

मतगणना:-मूलांक:-2      भाग्यांक:-6     दिन-अंक:-8      वर्षांक:-1      चलित:-3

विधान सभा-अंक:-3 (तीसरी)

व्यक्ति/पार्टी मूलांक भाग्यांक आयु-अंक नामांक दिन-अंक एकल योग महायोग
भाजपा 6

3+

1

0

1

0

2

13+

1

0

4

4-

12+/6

=2+

14.63+/3

=4.87+

अमित शाह 4

4-

7

4+

8

6+

6

3+

3

10+

  19+/5

=3.8+

अजय भट्ट 1

0

5

10+

2

13+

2

13+

2

13+

7

4+

53+/6

=8.83+

भाराकां 2

13+

1

0

4

4-

3

10+

2

13+

7

4+

36+/6

=6+

16.96+/3

=5.65+

सोनिया गांधी 9

4-

5

10+

8

6+

9

4-

2

13+

7

4+

25+/6

=4.16+

किशोर उपाध्याय 1

0

3

10+

5

10+

7

4+

3

10+

 

 

34+/5

=6.8+

 

कुल निर्वाचनीय सीटें=70

कुल=भाजपा+कांग्रेस=4.87+5.65=10.52+

कांग्रेस=5.65+*100/10.52=53.7*70=37.59=38 सीटें

भाजपा=4.87+*100/10.52=46.29*70=32.4=32 सीटें

इसलिए अन्तिम रूप से:-

कांग्रेस=38 सीटें (कम-अधिक 4)            भाजपा=32 सीटें (कम-अधिक 3)

अन्य=04 सीटें (कुल निर्वाचनीय सीटों की 5%)

यह दिनांक काम लेने पर भी कांग्रेस ही बहुमत प्राप्त करती हुई दिख रही है| अतः यह बात साफ है कि इस बार उत्तराखण्ड विधान सभा चुनाव में कांग्रेस फिर से सरकार बनाने जा रही है| उसे इस बार किसी से समर्थन माँगना नहीं पड़ेगा| ……. जय श्री राम

 

विधान सभा चुनाव-2017 :: उत्तर प्रदेश : किसे कितनी सीटें : भाजपा का चमत्कारिक प्रदर्शन


जय श्री राम ………| आदरणीय मित्रो, हमारी ‘कृपात्रयी’ (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) की कृपा से हालिया विधान सभा चुनावों सम्बन्धी सीटों की संख्या सम्बन्धी भविष्यवाणी के क्रम में प्रस्तुत है उत्तर प्रदेश की बात| यहाँ इस बार चुनाव हमेशा से कहीं अधिक दिलचस्प है| कांग्रेस व सपा ने चुनावी गठबन्धन किया है| भाजपा बहुत उम्मीदों के साथ मैदान में है, तो रालोद अकेले ही कूद पड़ा है| पिछले विधान सभा चुनाव में मुलायम सिंह के बारे में हमारी भविष्यवाणी चमत्कारिक रूप से सही ठहरी थी| तब अंक ज्योतिष एवं बॉडी लैंग्वेज पर आधारित अपने मासिक अख़बार ‘अंक प्रभा’ के 01 फ़रवरी, 2012 के अंक में हमने कहा था कि कुर्सी अभी दूर रहेगी| ऐसा ही हुआ| सपा के पूर्ण बहुमत के बाद भी मुख्यमन्त्री की कुर्सी मुलायम से दूर ही रही|

इस गणना में राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों को सम्मिलित किया गया है; साथ ही प्रमुख दलों को लिया गया है| शेष पार्टियों व निर्दलियों को ‘अन्य’ में सम्मिलित किया गया है|  हमने भारतीय जनता पार्टी और उसके चुनावी गठबन्धन के साथियों को ‘भाजपा+’, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को ‘भाराकां’ लिखा है|

गणनीय अंक

उत्तर प्रदेश:-मूलांक:-8   भाग्यांक:-6   आयु-अंक:-5 (68 वाँ)     नामांक:-9     दिन-अंक:-3

मतगणना:-मूलांक:-2      भाग्यांक:-6     दिन-अंक:-8      वर्षांक:-1      चलित:-3

विधान सभा-अंक:-8 (17 वीं)

व्यक्ति/पार्टी मूलांक भाग्यांक आयु-अंक नामांक दिन-अंक एकल योग महायोग
भाजपा 6

1

2-

1

2-

2

8+

1

2-

4

4-

3-/6

=.5-

5.1+/3

=1.7+

अमित शाह 4

4-

7

5+

8

9+

6

3

11+

  20+/5

=4+

केशव प्रसाद मौर्य 7

5+

1

2-

1

2-

2

8+

5

  8+/5

=1.6+

भाराकां 2

8+

1

2-

4

4-

3

11+

2

8+

7

5+

26+/6

=4.33+

11.32+/3

=3.77+

सोनिया गांधी 9

2+

5

8

9+

9

2+

2

8+

7

5+

25+/6

=4.16+

राज बब्बर 5

1

2-

2

8+

5

2

8+

7

5+

17+/6

=2.83+

बसपा 5

4

4-

6

2

8+

8

9+

 

 

11+/5

=2.2+

2.7+/3

=.9+

मायावती 6

1

2-

8

9+

1

2-

1

2-

4

4-

2-/6

=.33-

राम अचल राजभर 6

1

2-

8

9+

7

5+

1

2-

4

4-

5+/6

=.83+

सपा 4

4-

8

9+

7

5+

2

8+

1

2-

4

4-

12+/6

=2+

अखिलेश यादव 6

8

9+

9

2+

2

8+

2

8+

7

5+

31+/6=5.33+ 8.13+/3

=2.17+

 

विधान सभा की निर्वाचनीय सीटों की संख्या=403

कुल=सपा+बसपा+भाजपा+भाराकां=3.66+.9+1.7+3.77=10.03+

सपा=3.66*100/10.03=36.49*298=108.74=109 सीटें   बसपा=.9*100/10.03=.08*403=36.16=36 सीटें    भाजपा+=1.7*100/10.03=16.94*403=68.03=68 सीटें      भाराकां=3.77*100/10.03=37.58*105=39.46=39 सीटें

अब तक की कुल सीटें=109+36+68+39=252      शेष सीटें=403-252=151

=बसपा+भाजपा=.9+1.7=2.6+

बसपा=.9*100/2.6=34.61*151=52.26=52 सीटें       भाजपा+=1.7*100/2.6=65.38*151=98.73=99 सीटें

अतः बसपा की कुल सीटें=36+52=88      भाजपा की कुल सीटें=68+99=167

अन्तिम रूप से:-

सपा=109 सीटें (कम-अधिक 11)         बसपा=88 सीटें (कम-अधिक 9)

भाजपा+=167 सीटें (कम-अधिक 17)      भाराकां=39 सीटें (कम-अधिक 4)

अन्य=20 सीटें (कुल निर्वाचनीय सीटों की 5%)

इस तरह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार फिर से बनती नहीं दिख रही है| इस सरकार को विदा होना होगा| हालाँकि अखिलेश के ख़ुद के अंक अच्छे हैं, मगर समाजवादी पार्टी के ख़राब अंकों का ख़ामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा| इस आकलन से एक बात और उभर कर सामने आती है कि सपा-कांग्रेस के चुनावी गठबन्धन का कांग्रेस को बड़ा लाभ होने जा रहा है, जबकि सपा को लाभ की बजाय हानि ही उठानी पड़ रही है| एक लम्बे अर्से बाद भाजपा चमत्कारिक प्रदर्शन कर नम्बर एक के स्थान पर बैठती दिख रही है| इसलिए अगर उत्तर प्रदेश के ‘सिंहासन’ पर इस बार नया मुख्यमंत्री देखने को मिल सकता है| हाँ, यदि यह ‘नया मुख्यमंत्री’ कोई ‘पुराना यानी पूर्व मुख्यमंत्री’ हो तो अचम्भा नहीं होना चाहिए ……… जय श्री राम

विधान सभा चुनाव-2017 :: उत्तराखण्ड : किसे कितनी सीटें : बाज़ी कांग्रेस के हाथ


जय श्री राम ………| आदरणीय मित्रो, हमारी ‘कृपात्रयी’ (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) की कृपा से हालिया विधान सभा चुनावों सम्बन्धी भविष्यवाणी के पहले चरण में अब प्रस्तुत है उत्तराखण्ड की बात| पिछले चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा से एक सीट के बहुत मामूली अन्तर से आगे रह कर सरकार बनायी थी| इस गणना में राष्ट्रीय पार्टियों भाजपा व कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्षों को सम्मिलित किया गया है| शेष दलों व निर्दलियों को हमने ‘अन्य’ के अन्तर्गत लिया है|

गणनीय अंक

उत्तराखण्ड:-मूलांक:-9   भाग्यांक:-4   आयु-अंक:-8 (17 वाँ)     नामांक:-8     दिन-अंक:-3

मतगणना:-मूलांक:-2      भाग्यांक:-6     दिन-अंक:-8      वर्षांक:-1      चलित:-3

विधान सभा-अंक:-4 (चौथी)

व्यक्ति/पार्टी मूलांक भाग्यांक आयु-अंक नामांक दिन-अंक एकल योग महायोग
भाजपा 6

5+

1

6-

1

6-

2

12+

1

6-

4

2-

3-/6

=.5-

10.83+/3

=3.61+

अमित शाह 4

2-

7

9+

8

4+

6

5+

3

9+

25+/5

=5+

अजय भट्ट 1

6-

5

2

12+

2

12+

2

12+

7

9+

38+/6

=6.33+

भाराकां 2

12+

1

6-

4

2-

3

9+

2

12+

7

9+

34+/6

=5.66+

14.99+/3

=4.99+

सोनिया गांधी 9

4+

5

8

4+

9

4+

2

12+

7

9+

32+/6

=5.33+

किशोर उपाध्याय 1

6-

3

9+

5

7

9+

3

9+

 

 

20+/5

=4+

 

कुल निर्वाचनीय सीटें=70

कुल=भाजपा+कांग्रेस=3.61+4.99=8.6+

कांग्रेस=4.99+*100/8.6=58.02*70=40.61=41 सीटें

भाजपा=3.61+*100/8.6=41.9*70=29.33=29 सीटें

इसलिए अन्तिम रूप से:-

कांग्रेस=41 सीटें (कम-अधिक 4)            भाजपा=29 सीटें (कम-अधिक 3)

अन्य=04 सीटें (कुल निर्वाचनीय सीटों की 5%)

इस तरह यह स्पष्ट है कि इस बार उत्तराखण्ड विधान सभा चुनाव में कांग्रेस इस बार पिछली बार से कहीं बड़ी जीत प्राप्त कर रही है| उसे इस बार किसी से समर्थन माँगना नहीं पड़ेगा| उत्तराखण्ड के इस चुनाव के सम्बन्ध में हम विश्लेषणपरक चर्चा इस शृंखला के दूसरे चरण की पोस्ट में करेंगे| ……. जय श्री राम

तमिलनाडू विधान सभा चुनाव : फिर होगी जयललिता की ‘जय’


tamilnaduजय श्री राम ………… आदरणीय मित्रो, हालिया विधान सभा चुनावों के संदर्भ में अब बात करते हैं तमिलनाडू राज्य की| यहाँ हमेशा वाली ‘म्यूजिकल चेयर’ रहेगी, या फिर इस बार जयललिता लगातार दूसरी बार सत्ता मे आने का करिश्मा करेंगी? अब तक यह करिश्मा सिर्फ़ अन्ना दुरई और एम॰ जी॰ रामचंद्रन ने किया है|

निर्माण:-14-01-1969      बुधवार

मूलांक:-5      भाग्यांक:-4      आयु-अंक:-3 (48 वाँ वर्ष)       नामांक:-2       दिन-अंक:-5

विधान सभा अंक:-6

मतगणना : 19-05-2016     गुरुवार

मूलांक:-1     भाग्यांक:-6      दिन-अंक:-3      चलित अंक:-6     वर्षांक:-9

सबसे पहले तो तमिलनाडू राज्य के अंकों के संकेतों की बात करें| तमिलनाडू का मूलांक 5+दिन-अंक 5 मतगणना के मूलांक 1 के साथ मित्र युति बनाता है| यह नेतृत्व की यथास्थिति बताता है| इसका मतलब यह है कि चुनावोपरान्त राज्य का नेतृत्व बदले नहीं, अभी वाला ही रहे| यह अंक 5 मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| अतः बहुत संभव है कि यह चुनाव-परिणाम बहुत उठापटक वाले हों और साथ ही यह भी कि इस बार बनने वाला नेतृत्व यानि मुख्यमन्त्री अपना कार्यकाल निर्बाध ढंग से पूरा न कर पाए, बल्कि उस का कार्यकाल बीच में ही टूट जाए| तमिलनाडू का भाग्यांक 4 मतगणना के सभी अंकों के साथ समभाव युति बनाता है| इसलिए यह ख़ास उठापटक नहीं बताता है| इस का अर्थ यह हुआ कि अंक 5 की यथास्थिति वाली बात बलिष्ठ हो जाती है| तमिलनाडू का आयु-अंक 3 मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6+विधान सभा अंक 6 के साथ मित्र युति बनाता है| यह स्थिति अंक 6 की प्रधानता वाले पक्षों की ओर जाती है| ऐसा सर्वप्रमुख पक्ष जयललिता है| अतः यह युति जयललिता के पक्ष में जाती है| तमिलनाडू का नामांक 2 मतगणना के मूलांक 1+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| ये युतियाँ स्त्री नेतृत्व बताती हैं, साथ ही स्त्री नेतृत्व के पक्ष में निर्णय भी बताती हैं| तमिलनाडू की चलित दशाओं के अनुसार वर्ष 2021 में तमिलनाडू को नया मुख्यमन्त्री मिलेगा यानि तब मुख्यमन्त्री बदलेगा|

द्रविड़ मुन्नेत्र कजघम : 17-09-1949     शनिवार

मूलांक:-8     भाग्यांक:-4      आयु-अंक:-4  (67 वाँ)      नामांक:-3      दिन-अंक:-8

के॰ एम॰ करुणानिधि : 03-06-1924

मूलांक:-3      भाग्यांक:-7       आयु-अंक:-2  (92 वाँ)      नामांक:-3      दिन-अंक:-9

करुणानिधि के आयु-अंक 2 की मतगणना के मूलांक 1+तमिलनाडू के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+तमिलनाडू के भाग्यांक 4 के साथ प्रबल मित्र युति और तमिलनाडू के नामांक 2 के साथ प्रतिरूप युति इनके पितृ रूप के अनुकूल निर्णय होना बताती है यानि इस बार इनके मुखिया रहते इनकी पार्टी की स्थिति अच्छी रह सकती है, ख़ासकर पिछली बार की तुलना में| करुणानिधि के मूलांक 3+करुणा के नामांक 3+द्रमुक के नामांक 3 की तमिलनाडू के नामांक 2+तमिलनाडू के मूलांक 5+तमिलनाडू के दिन-अंक 5+मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ मित्र युति व तमिलनाडू के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति दलगत स्थिति में समृद्धि के पक्ष में निर्णय बताती है| अतः इस बार द्रमुक की स्थिति अच्छी रहेगी यानि सीटों की संख्या में पिछली बार की तुलना में वृद्धि होगी| द्रमुक के भाग्यांक 4+द्रमुक के आयु-अंक 4 की तमिलनाडू के भाग्यांक 4 के साथ प्रतिरूप युति और तमिलनाडू के मूलांक 5+तमिलनाडू के दिन-अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति करुणानिधि के पार्टी के ‘पितृ पुरुष’ का ओहदे का फिलहाल तो बरक़रार रहना बताती है| द्रमुक के मूलांक 8+द्रमुक के दिन-अंक 8 की मतगणना के मूलांक 1+तमिलनाडू के भाग्यांक 4 के साथ प्रबल विरोधी युति व तमिलनाडू के मूलांक 5+तमिलनाडू के दिन-अंक 5 के साथ विरोधी युति करुणानिधि के द्रमुक के ‘पितृ पुरुष’ के रूप में रहते हुए इस दल के सत्ता-प्राप्ति में बाधा बताती है| साथ ही यह युति यह भी बताती है कि द्रमुक इस विधान सभा पूरा कार्यकाल करुणानिधि के नेतृत्व में नहीं निकाल पाएगी| इस विधान सभा के दूसरे या चौथे वर्ष में या कैलेण्डर वर्ष 2017 या 2019 में करुणानिधि से द्रमुक के मुखिया का पद छूट जाएगा| करुणानिधि के लिए उम्र का 93 वाँ, 95 वाँ व 96 वाँ निर्णायक सिद्ध हो सकता है| यह अंक 8 तमिलनाडू के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ मित्र युति यह बताती है कि मतगणना का परिणाम द्रमुक के लिए सुकून व राहत वाला होगा| इस पार्टी को अभी के मुक़ाबले अधिक सीटें मिलेंगी| करुणानिधि का जन्म का दिन-अंक 9 चुनावी वर्षांक प्रतिरूप युति व तमिलनाडू के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति यह बताती है कि इस बार की चुनावी लड़ाई करुणानिधि के लिए प्रतिष्ठदायक रहेगी| इस अंक 9 की तमिलनाडू के नामांक 2+तमिलनाडू के मूलांक 5+तमिलनाडू के दिन-अंक 5+मतगणना के भाग्यांक 6+विधान सभा अंक 6 के साथ विरोधी युति यह बताती है कि पार्टी के स्तर पर करुणानिधि को कुछ झटके तो झेलने होंगे ही, साथ ही उन्हें भी स्वास्थ्य का बड़ा झटका लग सकता है, साथ ही अंक 2 की भंग-अवस्था के कारण पार्टी/परिवार में असंतोष/टूट/बग़ावत का सामना करना पड़ेगा| 

ऑल इण्डिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कजघम : 17-10-1972     मंगलवार

मूलांक:-8       भाग्यांक:-1      आयु-अंक:-8 (44 वाँ वर्ष)      नामांक:-7        दिन-अंक:-9

जे॰ जयललिता : 24-02-1948      मंगलवार

मूलांक:-6     भाग्यांक:-3      आयु-अंक:-6 7 (69 वाँ)      नामांक:-6      दिन-अंक:-9

अन्ना द्रमुक का भाग्यांक 1 की मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति व अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति नेतृत्व कि यथास्थिति बताती है| यह बात जयललिता के पक्ष में जाती है| यह अंक 1 तमिलनाडू के भाग्यांक 4 के साथ विरोधी युति बनाता है| इसका फल यह है कि बहुत संभव है इस बार बनने वाले मुख्यमन्त्री का कार्यकाल निर्बाध ढंग से पूरा नहीं पाए| उसका पद बीच मे ही छूट जाए| ऐसा इस सरकार के कार्यकाल के चौथे वर्ष और वर्ष 2020 मे हो जाए तो अचंभा नहीं होना चाहिए| जयललिता का भाग्यांक 3 तमिलनाडू के नामांक 2+तमिलनाडू के मूलांक 5+तमिलनाडू के दिन-अंक 5+मतगणना के भाग्यांक 6+विधान सभा अंक 6 के साथ मित्र युति बनाता है| ये युतियाँ अंक 6 वाली जयललिता के पक्ष में यथास्थिति बताती हैं| चूँकि जयललिता को तगड़ी ब्लड शुगर है, इसलिए यहाँ अंक 3 की अंक 6 के साथ युति अधिक प्रबलता से उनके पक्ष में जाती है| जयललिता के मूलांक 6+जयललिता के नामांक 6+जयललिता के आयु-अंक 6 की मतगणना के मूलांक 1+तमिलनाडू के भाग्यांक 4+चुनावी वर्षांक 9 के साथ विरोधी युति और तमिलनाडू के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति नेतृत्व को पितृ रूप में चुनावी झटके बताती है| इसका अर्थ यह है कि इस बार के चुनाव-परिणाम में जयललिता को अनपेक्षित झटके लग सकते हैं| इसी अंक 6 की तमिलनाडू के नामांक 2 के साथ मित्र युति व मतगणना के भाग्यांक 6+विधान सभा अंक 6 के साथ प्रतिरूप युति दलगत रूप में जयललिता के लिए अधिक अनुकूलता बताती है यानि इनका दल अच्छी स्थिति में रह सकता है| अन्ना द्रमुक के मूलांक 8+अन्ना द्रमुक का आयु-अंक 8 की मतगणना के मूलांक 1+तमिलनाडू के भाग्यांक 4 के साथ प्रबल विरोधी युति नेतृत्व कि पितृ स्थिति को झटके बताती है यानि पार्टी का मुखिया यदि दो जगह से चुनाव लड़े तो एक जगह से हार जाता है या के बड़े नेता चुनाव हार जाता है| इस अंक 8 की तमिलनाडू के मूलांक 5+तमिलनाडू के दिन-अंक 5 के साथ विरोधी युति विचलन बताती है यानि इस बार बनने वाली सरकार में बहुत जल्दी उठापटक/परिवर्तन होगा| इस अंक 8 की तमिलनाडू के नामांक 2+तमिलनाडू के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ मित्र युति चुनावी लड़ाई में दल कि अच्छी स्थिति बताती है| जया व पार्टी का दिन-अंक समान है-9| इस अंक 9 की तमिलनाडू के नामांक 2+तमिलनाडू के मूलांक 5+तमिलनाडू के दिन-अंक 5+मतगणना के भाग्यांक 6+विधान सभा अंक 6 के साथ विरोधी युति अन्ना द्रमुक की दलगत यथास्थिति में बाधक है| इसका अर्थ हुआ कि इस बार अन्ना द्रमुक को पिछली बार जैसा धाकड़ बहुमत नहीं मिल पाएगा| इसकी सीटों में पिछली बार की तुलना में कमी आएगी| इस अंक 9 की चुनावी वर्षांक 9 के साथ युति अन्ना द्रमुक के लिए चुनावी विजय का उपहार ल रही है| इसलिए यह तो तय है कि इस बार के चुनाव में अन्ना द्रमुक बाज़ी मारने जा रही है यानि इस बार तमिलनाडू में ‘म्यूज़िकल चेयर’ (बारी-बारी से दोनों द्रविड़ दल सत्ता पाते रहते थे) टूटेगी और अन्ना द्रमुक लगातार सत्ता प्राप्त करेगी| हाँ, इतना अवश्य है कि इस बार इसकी सीटों की संख्या पिछली बार की तुलना में घटेगी| इस बार मुख्यमन्त्री बनने पर जयललिता का कार्यकाल निर्बाध ढंग से पूरा होते नहीं दिख रहा है| उनका पद अधूरे कार्यकाल में छूट सकता है, कारण चाहे कुछ भी यो या चाहे वे इसी विधान सभा में फिर से मुख्यमन्त्री बन जाएँ|

अगली पोस्ट में बात करेंगे असम की| ………… जय श्री राम

पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव : फिर आएगी ममता पर ‘ममता’


bengalजय श्री राम ………… आदरणीय मित्रो, बहुत दिन बाद आज आपसे फिर बात कर रहे हैं| आज की बातें करेंगे कुछ राज्यों में हो रहे विधान सभा चुनाव की| इस में सबसे पहले बात करते हैं पश्चिम बंगाल की|

पश्चिम बंगाल : 01-05-1960      रविवार

मूलांक:-1     भाग्यांक:-4     आयु-अंक:-3 (57 वाँ वर्ष)    नामांक:-18+19=37=1      दिन-अंक:-1, 4

मतगणना : 19-05-2016     गुरुवार

मूलांक:-1     भाग्यांक:-6      दिन-अंक:-3    विधान सभा अंक:-7 (16 वीं)    वर्षांक:-9    चलित अंक:-6

सबसे पहले तो यह देखते हैं कि पश्चिम बंगाल राज्य के अंक क्या संकेत कर रहे हैं? पश्चिम बंगाल का मूलांक 1+राज्य का दिन-अंक1+राज्य का नामांक 1 मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह वर्तमान नेतृत्व के पक्ष में जाती है| राज्य का आयु-अंक 3 मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह युति निर्णयगत यथास्थिति बताती है| इसका मतलब यह हुआ कि मतगणना के बाद सत्ता की अभी वाली स्थिति ही रहेगी यानि सत्ता पर वर्तमान क़ाबिज़ पक्ष (तृणमूल काँग्रेस) फिर से अपना कब्ज़ा कर लेगी| इसी अंक 3 की मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6+विधान सभा अंक 7 के साथ मित्र युति बताती है कि मतगणना का परिणाम वर्तमान नेतृत्व के पक्ष में रह सकता है| हाँ, इसके साथ यह होगा कि इस बार के चुनाव-परिणाम में कुछ खास विस्मयकारी बातें सामने आ सकती हैं, जैसे कि कोई बड़ा नेता अनपेक्षित रूप से हार जाए या फिर नेतृत्व का चहेता या वर्तमान मंत्रिमण्डल का खास चेहरा चुनाव हार जाए| पश्चिम बंगाल के निर्माण के समय अंक 7 का वर्ष था तथा अगले ही वर्ष अंक 7 की दशा आरंभ हुई| अंक 7 कि यह दशा फिर वर्ष 1988 में लगी| तब इस दशा ने तब के नेतृत्वकारी व्यक्ति व दल को सत्ता में बरक़रार रखा था| यह दशा प॰ बंगाल को वर्ष 2015 में फिर लगी है| यह वर्तमान नेतृत्व (तृणमूल काँग्रेस व ममता बनर्जी) को सत्ता में बरक़रार रखेगी| यह दशा वर्ष 2021 तक चलेगी, अतः तब तक तो तृणमूल काँग्रेस व ममता को सत्ता से बेदखल नहीं किया जा सकेगा|

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी : 07-11-1964      शनिवार

मूलांक:-7      भाग्यांक:-2     आयु-अंक:-7 (52 वाँ वर्ष)      नामांक:-1       दिन-अंक:-8

सीताराम येचुरी : 12-08-1952   मंगलवार 

मूलांक:-3       भाग्यांक:-1      आयु-अंक:-1  (64 वाँ वर्ष)      नामांक:-3        दिन-अंक:-9

सूर्यकांत मिश्रा : 18-04-1949    सोमवार

मूलांक:-9    भाग्यांक:-9   आयु-अंक:-5 (68 वाँ वर्ष)   नामांक:-09+13+16=38=2    दिन-अंक:-2, 7

अब राज्य के प्रमुख विपक्षी दल सीपीएम की बात करते हैं| सीपीएम का नामांक 1+येचुरी का भाग्यांक 1+येचुरी का आयु-अंक 1 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+मतगणना के मूलांक 1+राज्य के दिन-अंक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह नेतृत्व को अनुकूलता बताती है| यह अंक 1 राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4+मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ इस पार्टी को राज्य के भाग्य में निर्णायक भूमिका निभाने नहीं देंगी| साथ ही यह पार्टी राज्य की ‘पितृ भूमिका’ में नहीं आ पाएगी यानि सत्ता की मुखिया भी नहीं बन पाएगी| येचुरी का मूलांक 3+येचुरी का नामांक 3 राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 3 मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6+विधान सभा अंक 7 के साथ मित्र युति बनाता है| ये युतियाँ गठबंधन के रूप में मतगणना के दिन अनुकूलता बताती हैं| इनसे पहले आयी युतियों के साथ इसका अर्थ यह हुआ कि इस विधान सभा में इस पार्टी की सीटें बढ़ सकती हैं| न सिर्फ़ इस पार्टी की, बल्कि इसके गठबंधन की साथी पार्टियों की सीटें भी बढ़ सकती हैं| सीपीएम का आयु-अंक 7+सीपीएम का मूलांक 7+मिश्रा का दिन-अंक 7+सीपीएम का भाग्यांक 2+मिश्रा का दिन-अंक 2+मिश्रा का भाग्यांक 2 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक+मतगणना के मूलांक 1+राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक के साथ मित्र युति यह बताती है कि मतगणना का परिणाम इस पार्टी व गठबंधन की इसकी साथी पार्टियों के लिए उत्साहजनक रह सकता है| इस अंक 7 की विधान सभा अंक 7 के साथ प्रतिरूप युति उक्त फल में वृद्धि करती है| सीपीएम के भाग्यांक 2 की विधान सभा अंक 7 के साथ विरोधी युति यह बताती है कि इस विधान सभा में इस पार्टी का विचारधारा से बाहर की पार्टी के साथ लंबा साथ नहीं चलेगा| इस दायरे में तो काँग्रेस पार्टी आती है| अतः अभी भले ही सीपीएम का काँग्रेस के साथ गठबंधन है, मगर यह लंबा सफ़र नहीं तय करेगा तथा इसी विधान सभा के कार्यकाल में ये पार्टियाँ अलग हो जाएँगी| सीपीएम का दिन-अंक 8 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूलांक 1+राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह युति इसके पितृ अवस्था प्राप्त करने में ज़बरदस्त बाधक है| ये इस पार्टी को सत्ता पर क़ाबिज़ नहीं होने देगी| सीपीएम का दिन-अंक 8 राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+विधान सभा अंक7+चुनावी वर्षांक 9 के साथ मित्र युति यह बताती है कि पिछली बार की तुलना में इस बार इस पार्टी की सीटें बढ़ सकती हैं| मिश्रा का आयु-अंक 5 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूल अंक 1 राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ मित्र युति तथा विधान सभा अंक 7 के साथ प्रबल युति बनाता है| ये युतियाँ इस विधान सभा में इस पार्टी की अच्छी स्थिति बताती है| इस अंक 5 की राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह युति चुनावी लड़ाई में प्रभुत्व स्थापित नहीं होने देती है| इस कारण अच्छी स्थिति होने के बाद भी यह पार्टी राज्य का मुखिया नहीं हो पाएगी यानि राज्य की सत्ता पर क़ाबिज़ नहीं हो पाएगी| येचुरी का दिन-अंक 9+मिश्रा का मूलांक 9+मिश्रा का भाग्यांक 9 मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6+विधान सभा अंक 7 के साथ विरोधी युति भी यह बताती है कि यह मतगणना इस विधान सभा में इस पार्टी की प्रभुत्वकारी स्थिति नहीं बनने देगी| इस अंक 9 की राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति तथा चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रतिरूप युति यह बताती है कि इस पार्टी के प्रभाव में इस बार वृद्धि होगी| यह वृद्धि सीटों की संख्या में बढ़ोतरी के रूप में हो सकती है|

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी : 26-12-1925    शनिवार

मूलांक:-8     भाग्यांक:-1    आयु-अंक:-1 (91 वाँ वर्ष)    नामांक:-8    दिन-अंक:-8

सुरावाराम सुधाकर रेड्डी : 25-03-1942     बुधवार

मूलांक:-7    भाग्यांक:-8     आयु-अंक:-3  (75 वाँ वर्ष)    नामांक:-3     दिन-अंक:-5

अब बात करते हैं वाम मोर्चे की एक और बड़ी पार्टी सीपीआई की| सीपीआई का आयु-अंक 1+सीपीआई का भाग्यांक 1 राज्य के मूलांक 1+ राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह नेतृत्व के लिए अनुकूल है, किन्तु यह अंक 1 राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ पितृ दोष की युति बनाता है| यह युति राज्य की पितृ अवस्था प्राप्त करने में बाधक है| इसका अर्थ यह है कि यह पार्टी राज्य में सबसे बड़ी स्थिति में नहीं आ पाएगी और न ही सत्ता पर काबिज़ हो पाएगी| रेड्डी के आयु-अंक 3 राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति तथा मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ मित्र युति बनाता है| ये दोनों युतियाँ इस पार्टी के लिए अच्छी ख़बर देने वाली हैं| इस पार्टी की सीटों में पिछली बार की तुलना में इस बार बढ़ोतरी हो सकती है| रेड्डी का दिन-अंक 5 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूलांक 1+राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ मित्र युति व विधान सभा अंक 7 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| पहली युति जहाँ पितृ अवस्था में वृद्धि की है, वहीं दूसरी युति गठबंधन से लाभ व गठबंधन के साथ दलों को लाभ बताती है| इसका अर्थ यह हुआ कि इस बार एक ओर जहाँ सीपीआई को लाभ होगा, वहीं दूसरी ओर इसके गठबंधन की साथी पार्टियाँ भी लाभ में रहेंगी| यह बात मार्क्सवादी पार्टी के अंकीय विश्लेषण में भी आ रही है| रेड्डी के इस दिन-अंक 5 की राज्य के आयु-अंक 3 +मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विरोधी युति यह बताती है कि मतगणना का परिणाम इस पार्टी के लिए चुनावी लड़ाई में विजयदायी नहीं रहेंगे| रेड्डी का मूलांक 7 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक+मतगणना के मूलांक 1 व राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 तथा राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति और विधान सभा अंक 7 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| ये युतियाँ बताती हैं कि गठबंधन में प्रभुत्व-वृद्धि होगी यानि अभी की तुलना में सीटें बढ़ेंगी और गठबंधन में इस पार्टी का महत्त्व बढ़ेगा| सीपीआई का नामांक 8+रेड्डी का भाग्यांक 8+ सीपीआई का मूलांक 8+सीपीआई का दिन-अंक 8 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ पितृ द्रोह युति व राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ प्रबल पितृ दोष युति बनाता है| इनमें जहाँ पहली युति सत्ता में नहीं आने देगी, वहीं दूसरी युति पितृ अवस्था प्राप्ति में प्रबल बाधक है| यानि यह पार्टी गठबंधन में सबसे बड़े रूप में नहीं आ पाएगी| इस अंक 8 की राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 व विधान सभा अंक 7 तथा चुनावी वर्षांक 9 के साथ मित्र युति चुनावी लड़ाई में उठापटक के साथ पक्ष में निर्णय बताती है| इसका अर्थ यह हुआ कि इस बार सीपीआई को लाभ तो होगा, मगर इसे कुछ झटके झेलने पड़ सकते हैं, जैसे कि इसका कोई महत्त्वपूर्ण नेता चुनाव हार सकता है या यह पार्टी किसी ऐसी सीट से चुनाव हार सकती है, जिसे यह बहुत आसान या सुरक्षित मान कर चल रही है|

ऑल इण्डिया फॉरवर्ड ब्लॉक : 03-05-1939      बुधवार

मूलांक:-3      भाग्यांक:-3     आयु-अंक:-6  (87 वाँ वर्ष)    नामांक:-1     दिन-अंक:-5

एन॰ वेलप्पन नायर

नामांक:-05+37+09=51=6

वाम मोर्चे कि एक और महत्त्वपूर्ण पार्टी एफ़बी का नामांक 1 राज्य के नामांक 1+राज्य के मूलांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह नेतृत्व के लाभकारी है| इस अंक 1 की राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ विरोधी युति बनती है| यह पितृ दोष पैदा करती है, जो कि इस पार्टी को पितृ अवस्था यानि प्रमुख अवस्था में आने नहीं देगी| एफ़बी का मूलांक 3+एफ़बी का भाग्यांक 3 राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह निर्णयगत अनुकूलता बताती है| इस अंक 3 की मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 व विधान सभा अंक 7 के साथ मित्र युति यह बताती है कि इस पार्टी को मतगणना वाले दिन अनुकूलता रहेगी और यह अनुकूलता सीटों की संख्या में इस बार की तुलना में वृद्धि के रूप में हो सकती है| एफ़बी के आयु-अंक 6+नायर के नामांक 6 की राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूलांक 1 व राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4+चुनावी वर्षांक 9 के साथ विरोधी युति इस बार की चुनावी लड़ाई में इस पार्टी के लिए बड़ी राहत नहीं आने देगी| इस अंक 6 की राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति मतगणना वाले दिन इसके पक्ष में बड़ा निर्णय नहीं आने देगी| इस अंक 6 की मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ प्रतिरूप युति इस पार्टी को मतगणना वाले दिन ख़ुश होने का मौक़ा अवश्य देगी| एफ़बी का दिन-अंक 5 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूलांक 1+राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ मित्र युति व विधान सभा अंक 7 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यही अंक 5 राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| एक ओर जहाँ मित्र युति व प्रबल मित्र युति इस बार की विधान सभा में इस पार्टी व इसकी गठबंधन की साथी पार्टियों की अच्छी स्थिति बताती है, तो वहीं दूसरी ओर प्रबल विरोधी युति यह बताती है कि या पार्टी इस बार की चुनावी लड़ाई में निर्णायक प्रभुत्व नहीं प्राप्त कर सकेगी यानि सत्ता पर काबिज़ नहीं हो सकेगी|

इस प्रकार हम देखते हैं कि वाम मोर्चे की तीनों प्रमुख पार्टियों (सीपीएम, सीपीआई व फॉरवर्ड ब्लॉक) के यहाँ यह योग हैं कि इस बार इनका प्रभुत्व बढ़ेगा| यह इस रूप में होगा कि इनकी सीटें बढ़ेंगी, मगर यह प्रभुत्व-वृद्धि निर्णायक रूप में नहीं होगी| मतलब यह कि ये पार्टियाँ सत्ता पर काबिज़ नहीं हो पाएँगी यानि वाम मोर्चे को लगातार दूसरी बार सत्ता से बाहर रहना पड़ेगा और सत्ता में आने के लिए वर्ष 2021 का इंतज़ार करना पड़ेगा|

भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस : 02-01-1978        सोमवार

मूलांक:-2    भाग्यांक:-1    आयु-अंक:-3 (39 वाँ वर्ष)    नामांक:-3    दिन-अंक:-2, 7

सोनिया गांधी : 09-12-1946      सोमवार   

मूलांक:-9    भाग्यांक:-5    आयु-अंक:-7 (70 वाँ वर्ष)    नामांक:-9    दिन-अंक:-2, 7

अधीर रंजन चौधरी : 02-04-1956          सोमवार

मूलांक:-2   भाग्यांक:-9    आयु-अंक:-7 (61 वाँ वर्ष)    नामांक:-4    दिन-अंक:-2, 7

वाम मोर्चे के साथ गठबंधन में आयी ‘भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस’ यानि काँग्रेस का भाग्यांक 1 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+मतगणना के मूलांक 1+राज्य के दिन-अंक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह नेतृत्व को अनुकूलता बताती है| यह अंक 1 राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4+मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ इस पार्टी को राज्य के भाग्य में निर्णायक भूमिका निभाने नहीं देंगी| साथ ही यह पार्टी राज्य की ‘पितृ भूमिका’ में नहीं आ पाएगी यानि सत्ता की मुखिया भी नहीं बन पाएगी| काँग्रेस का आयु-अंक 3+काँग्रेस का नामांक 3 राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 3 मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6+विधान सभा अंक 7 के साथ मित्र युति बनाता है| ये युतियाँ गठबंधन के रूप में मतगणना के दिन अनुकूलता बताती हैं| इसका अर्थ यह हुआ कि इस विधान सभा में इस पार्टी की सीटें बढ़ सकती हैं| न सिर्फ़ इस पार्टी की, बल्कि इसके गठबंधन की साथी पार्टियों की सीटें भी बढ़ सकती हैं| काँग्रेस का इस बार वाम मोर्चे के साथ गठबंधन है| वाम पार्टियों के अंकीय विश्लेषण मे भी यही बात आ रही है कि उसके गठबंधन की साथी पार्टियों को इस बार सीटों की संख्या में लाभ होगा| काँग्रेस का मूलांक 2+काँग्रेस का दिन-अंक 2+सोनिया का दिन-अंक 2+अधीर का दिन-अंक 2+सोनिया का आयु-अंक 7+अधीर का आयु-अंक 7+सोनिया का दिन-अंक 7+काँग्रेस का दिन-अंक+अधीर का दिन-अंक 7 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक+मतगणना के मूलांक 1+राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक के साथ मित्र युति यह बताती है कि मतगणना का परिणाम इस पार्टी व गठबंधन की इसकी साथी पार्टियों के लिए उत्साहजनक रह सकता है| इस अंक 7 की विधान सभा अंक 7 के साथ प्रतिरूप युति यह बताती है कि इस फल की मात्रा में बढ़ोतरी होगी| काँग्रेस का मूलांक 2+काँग्रेस का दिन-अंक 2+सोनिया का दिन-अंक 2+अधीर का दिन-अंक 2 विधान सभा अंक 7 के साथ विरोधी युति यह बताती है कि इस विधान सभा में इस पार्टी का विचारधारा से बाहर की पार्टी के साथ लंबा साथ नहीं चलेगा| इस रूप में वाम पार्टियाँ ली जा सकती हैं| इसका अर्थ यह हुआ कि काँग्रेस का वाम पार्टियों के साथ गठबंधन लंबा नहीं चलेगा| इसी विधान सभा के कार्यकाल में काँग्रेस वाम पार्टियों/मोर्चे से अलग हो जाएगी| सोनिया का भाग्यांक 5 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूल अंक 1 राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ मित्र युति तथा विधान सभा अंक 7 के साथ प्रबल युति बनाता है| ये युतियाँ बताती हैं कि इस बार विधान सभा में इस पार्टी की स्थिति पिछली बार की तुलना में अच्छी होगी| इस अंक 5 की राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह युति बताती है कि विधान सभा में इस अच्छी स्थिति के बाद भी काँग्रेस पार्टी राज्य का मुखिया नहीं हो पाएगी यानि राज्य की सत्ता पर क़ाबिज़ नहीं हो पाएगी और ना ही सत्ता मे भागीदार बन पाएगी| सोनिया का मूलांक 9+सोनिया का नामांक 9+अधीर का भाग्यांक 9 मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6+विधान सभा अंक 7 के साथ विरोधी युति भी यह बताती है कि यह मतगणना इस विधान सभा में इस पार्टी की स्थिति ‘पितृ अवस्था’ वाली नहीं होगी यानि यह संख्यात्मक रूप से विधान सभा में अपना प्रभुत्व नहीं बना पाएगी| इस अंक 9 की राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति तथा चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रतिरूप युति यह बताती है कि काँग्रेस का प्रभाव इस बार बढ़ेगा| यह इस रूप में संभव है कि इसकी सीटें बढ़ जाएँ|

भारतीय जनता पार्टी : 06-04-1980          रविवार

मूलांक:-6    भाग्यांक:-1    आयु-अंक:-1 (37 वाँ वर्ष)    नामांक:-2    दिन-अंक:-1, 4

अमित शाह : 22-10-1964     गुरुवार

मूलांक:-4     भाग्यांक:-7    आयु-अंक:-7 (52 वाँ वर्ष)    नामांक:-6    दिन-अंक:-3

दिलीप घोष : 01-08-1964

मूलांक:-1    भाग्यांक:-2    आयु-अंक:-7 (61 वाँ वर्ष)    नामांक:-5    दिन-अंक:-8

भाजपा का भाग्यांक 1+भाजपा का आयु-अंक 1+भाजपा का दिन-अंक 1+घोष का मूलांक 1 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+मतगणना के मूलांक 1+राज्य के दिन-अंक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह नेतृत्व को अनुकूलता बताती है| यह अंक 1 राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4+मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| ठीक यही स्थिति शाह के मूलांक 4+भाजपा के दिन-अंक 4 की राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+मतगणना के मूलांक 1+राज्य के दिन-अंक 1 के साथ विरोधी युति के बारे में काही जा सकती है| साथ ही यह अंक 4 राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ जो प्रतिरूप युति बनाता है, उसका प्रतिफल व ये युतियाँ भाजपा को अच्छी स्थिति में नहीं आने देंगी और साथ ही पितृ दोष वाले अमित शाह के मुखिया रहते इस राज्य में पितृ अवस्था में नहीं आने देंगी| शाह का दिन-अंक 3 राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 3 मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6+विधान सभा अंक 7 के साथ मित्र युति बनाता है| ये युतियाँ गठबंधन के रूप में मतगणना के दिन अनुकूलता बताती हैं| पूर्व की युतियों के साथ इनका समन्वित स्वरूप यह बताता है कि इस बार यह पार्टी पिछली बार की तुलना में अच्छी स्थिति में रह सकती है यानि इसे कुछ सीटें मिल सकती हैं, हालांकि सीटों की यह संख्या दो अंकों में नहीं जा पाएगी| इसके गठबंधन के साथी दल को भी कुछ सीटें मिल सकती हैं| शाह का भाग्यांक 7+घोष का आयु-अंक 7+भाजपा का नामांक 2+घोष का भाग्यांक 2 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक+मतगणना के मूलांक 1+राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक के साथ मित्र युति यह बताती है कि मतगणना का परिणाम भाजपा और इसके साथी दल में उत्साह भर सकता है| इस अंक 7 की विधान सभा अंक 7 के साथ प्रतिरूप युति उक्त फल में वृद्धि करती है| भाजपा के नामांक 2+घोष के भाग्यांक 2 की विधान सभा अंक 7 के साथ विरोधी युति यह बताती है कि इस पार्टी में चुनाव-परिणाम के कारण उठापटक संभव है| घोष का दिन-अंक 8 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूलांक 1+राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह युति इसके बड़ी सफलता मिलने में बड़ी बाधा है| यह अंक 8 राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+विधान सभा अंक7+चुनावी वर्षांक 9 के साथ मित्र युति यह बताती है कि पिछली बार की तुलना में इस बार भाजपा पार्टी की सीटें बढ़ सकती हैं| घोष का नामांक 5 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूल अंक 1 राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ मित्र युति तथा विधान सभा अंक 7 के साथ प्रबल युति बनाता है| ये युतियाँ इस विधान सभा में इस पार्टी स्थिति में सुधार बताती हैं| इस अंक 5 की राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह युति चुनावी लड़ाई में प्रभुत्व स्थापित नहीं होने देती है| इस कारण स्थिति में सुधार होने के बाद भी भाजपा बड़ी पार्टी नहीं हो पाएगी| घोष का नामांक 5 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूल अंक 1 राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ मित्र युति तथा विधान सभा अंक 7 के साथ प्रबल युति बनाता है| ये युतियाँ बताती हैं कि इस बार विधान सभा में इस पार्टी की स्थिति पिछली बार की तुलना में अच्छी होगी| इस अंक 5 की राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह युति वही पिछली बात पक्की करती है कि विधान सभा में इस अच्छी स्थिति के बाद भी भाजपा ‘बड़ी पार्टी’ नहीं बन पाएगी और ना ही सत्ता में भागीदार बन पाएगी| शाह के नामांक 6 की राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूलांक 1 व राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4+चुनावी वर्षांक 9 के साथ विरोधी युति इस बार की चुनावी लड़ाई में इस पार्टी को बड़ी राहत नहीं देगी| इस अंक 6 की राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति मतगणना वाले दिन इसके पक्ष में बड़ा निर्णय नहीं आने देगी| इस अंक 6 की मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ प्रतिरूप युति इस पार्टी को मतगणना वाले दिन ख़ुश होने का मौक़ा अवश्य देगी और यह ख़ुशी सीटों की संख्या में हो सकती है|

अखिल भारतीय तृणमूल काँग्रेस : 01-01-1998       गुरुवार

मूलांक:-1      भाग्यांक:-2     आयु-अंक:-1 (19 वाँ वर्ष)    नामांक:-2     दिन-अंक:-3

ममता बनर्जी : 05-01-1955         बुधवार

मूलांक:-5      भाग्यांक:-8     आयु-अंक:-8  (62 वाँ वर्ष)    नामांक:-5     दिन-अंक:-5

अब बात करते हैं अभी सत्ता मे काबिज़ अखिल भारतीय तृणमूल काँग्रेस यानि टीएमसी की| टीएमसी का मूलांक 1+टीएमसी का आयु-अंक 1 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह नेतृत्व के लिए लाभकारी है| इस अंक 1 कि राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ विरोधी युति बनती है, जो कि पितृ दोष बताती है| यह युति मुखिया पद पर फिर से क़ाबिज़ होने के रास्ते में बाधा बताती है| अब अन्य युतियाँ क्या बताती हैं, यह देखना बहुत रोचक बन पड़ा है| टीएमसी का भाग्यांक 2+टीएमसी का नामांक 2 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूलांक 1+राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ प्रबल मित्र युति स्त्री नेतृत्व के रूप में ममता बनर्जी के लिए लाभकारी है| यह उन्हें फिर से सत्ता पर बिठाने की दिशा में जाती है| विधान सभा अंक 7 के साथ इस अंक 2 की विरोधी युति बनती है, जो कि पार्टी के स्तर पर झटके सूचित करती है| इसका अर्थ यह हुआ कि ममता के कुछ ख़ास या महत्त्वपूर्ण लोग चुनाव हार सकते हैं, साथ ही सरल समझी जाने वाली व ममता के लिए ‘नाक की लड़ाई’ वाली सीटों पर हार का सामना करना पड़ सकता है| टीएमसी का दिन-अंक 3 राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है, जो कि ममता के पक्ष में निर्णय होना बताती है| यह अंक 3 मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 व विधान सभा अंक 7 के साथ मित्र युति बनाता है| ये युतियाँ भी ममता के लिए लाभकारी हैं| ये बताती हैं कि ममता को मतगणना वाले दिन अनुकूल परिणाम मिलेंगे| ममता का मूलांक 5+ममता का नामांक 5+ममता का दिन-अंक 5 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य का दिन-अंक 1+मतगणना के मूलांक 1 व राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के दिन-अंक 4 के साथ मित्र युति बनाता है| यह युति बताती है कि ‘राज्य के पितृ पुरुष’ यानि मुख्यमन्त्री के रूप में इस बार की चुनावी लड़ाई में अच्छी-ख़ासी अनुकूलता है| यह अंक 5 विधान सभा अंक 7 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यह युति ‘स्त्री नेतृत्व’ के रूप में ममता बनर्जी के लिए बहुत अनुकूल है| यह अंक 5 राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 व चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह युति बताती है कि इस बार की चुनावी लड़ाई में ममता को झटके लग सकते हैं| ममता का भाग्यांक 8+ममता का आयु-अंक 8 राज्य के मूलांक 1+राज्य के नामांक 1+राज्य के दिन-अंक 1+मतगणना के मूलांक 1 व राज्य के भाग्यांक 4+राज्य के आयु-अंक 4 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ बताती हैं कि ममता के फिर से ‘राज्य की पितृ पुरुष’ यानि मुख्यमन्त्री बनने की राह में काँटे हैं| इन्हें इस बीच झटके लगने हैं| यह अंक 8 राज्य के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 व विधान सभा अंक 7 तथा चुनावी वर्षांक 9 के साथ मित्र युति बनाता है| ये युतियाँ बताती हैं कि ममता को झटके भले ही लगें, मगर इस बार बनने वाली विधान सभा में ये फिर से पूर्ण बहुमत पाकर लगातार दूसरी बार मुख्यमन्त्री बनने जा रही हैं| हाँ, जो झटके इन्हें लगने हैं, वे इस रूप में हो सकते हैं कि (1) इनका ख़ास/महत्त्वपूर्ण/निकट का व्यक्ति चुनाव हार जाए, (2) आसान समझी जाने वाली सीट पर हार का सामना करना पड़ जाए, (3) ‘नाक का सवाल’ बनी सीट पर हार गले पड़ जाए या (4) किसी सीट पर जल्दी ही उपचुनाव की नौबत आ जाए|

मिलते हैं अगली पोस्ट में एक अन्य राज्य के विधान सभा चुनाव की बात लेकर| ……….. जय श्री राम|

आज की हस्ती : इण्डियन नेशनल लोक दल


inldजय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, यह है 29 अप्रेल की बात का दूसरा भाग|
स्थापना-दिनांक:-29-04-1998
मूलांक:-2 भाग्यांक:-6 आयु अंक:-1 (19 वाँ वर्ष) नामांक:-1
# आलाकमान/पार्टी के प्रमुख नेता को स्वास्थ्यगत/क़ानूनी परेशानी झेलनी पड़ सकती है|
# चुनावी लड़ाई का परिणाम अपेक्षाकृत अनुकूल रहता नहीं दिख रहा है|
# दलगत असंतोष/टूट-फूट/उठापटक संभव है|
मिलते हैं अगली पोस्ट के साथ| ……… जय श्री राम|

Previous Older Entries

%d bloggers like this: