पाँच राज्यों के विधान सभा चुनाव : सभी गणनाएँ


जय श्री राम ……… आदरणीय मित्रो, अपनी 02 फ़रवरी की पोस्ट में हमने उत्तर प्रदेश, मणिपुर, गोवा, पंजाब व उत्तराखण्ड (निर्माण-तिथि 09-11-2000) के विधान सभा चुनाव से सम्बन्धित भविष्यवाणी प्रस्तुत की थी| इसके बाद 09 फ़रवरी की पोस्ट में उत्तराखण्ड की निर्माण-तिथि 01-01-2007 लेकर भविष्यवाणी प्रस्तुत की| उत्तराखण्ड की इन दोनों भविष्यवाणियों में परिणामगत आमूल-चूल अन्तर नहीं आया यानि पहले वाली भविष्यवाणी में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस यानि भाराकां पूर्ण बहुमत से सरकार बनाती नज़र आ रही है तो दूसरी भविष्यवाणी में सरकार कांग्रेस की ही बन रही है और वह भी पूर्ण बहुमत से| हाँ, पहली भविष्यवाणी की तुलना में दूसरी भविष्यवाणी में कांग्रेस की सीटें अवश्य कुछ कम हो गयीं|

हमारे कई मित्रों, शुभचिंतकों, नियमित पाठकों ने हमसे यह इच्छा प्रकट की कि हमारी ऐसी गणना का जो अन्तिम रूप प्रस्तुत करते हैं, वह किन-किन प्रक्रियाओं से होकर अपने अन्तिम रूप तक पहुँचती है? तो हमने यह निर्णय किया कि हम आप सभी को अपनी उस आकलन-विश्लेषण-प्रक्रिया से अवगत करवाएँ, जिससे आपको भी पता चले कि अपनी एक भविष्यवाणी के पीछे हमारी मेहनत का किस रूप में रहती है? हालांकि पूरी प्रक्रिया तो फिर भी यहाँ रख पाना सम्भव नहीं है क्योंकि वह बहुत लम्बी है|

उत्तर प्रदेश

सबसे पहले बात करते हैं देश के सबसे बड़े ‘राजनीतिक राज्य’ उत्तर प्रदेश की| हमने इस राज्य के लिए कुल छह विधियों से गणना की|

राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों सहित गणना का परिणाम

                               (1)    राष्ट्रीय लोक दल सहित               (2) राष्ट्रीय लोक दल रहित

समाजवादी पार्टी      70 सीटें (कम-अधिक 7)                    88 सीटें (कम-अधिक 9)

बहुजन समाज पार्टी   93 सीटें (कम-अधिक 9)                    95 सीटें (कम-अधिक 10)

भाजपा +           176 सीटें (कम-अधिक 18)                       176 सीटें (कम-अधिक 18)

भाराकां             34 सीटें (कम-अधिक 3)                             44 सीटें (कम-अधिक 4)

राष्ट्रीय लोक दल     09 सीटें (कम-अधिक 1)

अन्य               20 सीटें                                                       अन्य-20 सीटें (कम-अधिक 2/इस में रालोद की 09 सीटें हैं)

राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों रहित गणना का परिणाम

                                (3) राष्ट्रीय लोक दल सहित     (4)  राष्ट्रीय लोक दल रहित

समाजवादी पार्टी      86 सीटें (कम-अधिक 9)          103 सीटें (कम-अधिक 10)

बहुजन समाज पार्टी   95 सीटें (कम-अधिक 10)       90 सीटें (कम-अधिक 9)

भाजपा +           179 सीटें (कम-अधिक 18)            168 सीटें (कम-अधिक 17)

भाराकां             35 सीटें (कम-अधिक 4)                 42 सीटें (कम-अधिक 4)

राष्ट्रीय लोक दल     08 सीटें (कम-अधिक 1)

अन्य               20 सीटें                                              अन्य-20 सीटें (कम-अधिक 2/इस में रालोद की 09 सीटें हैं)

राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों सहित गणना का परिणाम

                               (5) राष्ट्रीय लोक दल सहित        (6) राष्ट्रीय लोक दल रहित

समाजवादी पार्टी      89 सीटें (कम-अधिक 9)          109 सीटें (कम-अधिक 11)

बहुजन समाज पार्टी   95 सीटें (कम-अधिक 10)       88 सीटें (कम-अधिक 9)

भाजपा +           178 सीटें (कम-अधिक 18)            167 सीटें (कम-अधिक 17)

भाराकां             32 सीटें (कम-अधिक 4)                39 सीटें (कम-अधिक 4)

राष्ट्रीय लोक दल     09 सीटें (कम-अधिक 1)

अन्य               20 सीटें                                            अन्य-20 सीटें (कम-अधिक 2/इस में रालोद की 09 सीटें हैं)

हमने इन में से छठी गणना को अन्तिम रूप से चयनित किया| अब 11 मार्च को पता चलेगा कि इन में से हमारी कौनसी गणना सही साबित होती है?

पंजाब

अब बात करते हैं पंजाब की| इस राज्य के लिए हमने तीन विधियों से गणना की|

              (1)राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों       (2)राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों         (3)राष्ट्रीय पार्टियों के

                    के प्रदेशाध्यक्षों सहित                     के प्रदेशाध्यक्षों रहित                      प्रदेशाध्यक्षों सहित

शिअद       21 सीटें (कम-अधिक 2)               21 सीटें (कम-अधिक 2 )            20 सीटें (कम-अधिक 2)

भाजपा      06 सीटें (कम-अधिक 1)               6 सीटें (कम-अधिक 1)              6 सीटें (कम-अधिक 1)

भाराकां      53 सीटें (कम-अधिक 5)              49 सीटें (कम-अधिक 5)            49 सीटें (कम-अधिक 5)

आआपा     37 सीटें (कम-अधिक 4)               41 सीटें (कम-अधिक 4)            42 सीटें (कम-अधिक 4)

अन्य-06 सीटें (कम-अधिक 1)                      06 सीटें (कम-अधिक 1)            06 सीटें (कम-अधिक 1)

उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड राज्य की भविष्यवाणी हमने पहले भाग में दो विधियों से आकलन-विश्लेषण कर की थी| यहाँ हमने इस राज्य के जन्म से गणना की थी| तब इसका नाम ‘उत्तराँचल’ नाम काम में लिया था| इस में दो तरह से गणना की थी|

                     (1)    राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों सहित      (2) राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों रहित   

भाराकां                41 सीटें (कम-अधिक 4)                         50 सीटें (कम-अधिक 5)

भाजपा                29 सीटें (कम-अधिक 3)                         20 सीटें (कम-अधिक 2)

अन्य                    04 सीटें                                                                   4 सीटें

इन में से हमने पहले वाली गणना को अन्तिम रूप से चयनित किया|

उत्तराखण्ड राज्य को लेकर दूसरी गणना हमने इस राज्य का नाम ‘उत्तराँचल’ से ‘उत्तराखण्ड’ किए जाने की दिनांक से की| इस में हमने एक ही विधि से गणना की|

(1)    राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों सहित         

भाराकां 38 सीटें (कम-अधिक 4)

भाजपा 32 सीटें (कम-अधिक 3)

अन्य  04 सीटें

गोवा

इस राज्य की भविष्यवाणी तैयार करने में हमने दो विधियाँ काम में लीं|

                   (1)    राष्ट्रीय पार्टियों के                (2) राष्ट्रीय पार्टियों के

                       प्रदेशाध्यक्षों सहित                    प्रदेशाध्यक्ष रहित      

भाजपा+        07 सीटें (कम-अधिक 1)               07 सीटें (कम-अधिक 1)

भाराकां         14 सीटें (कम-अधिक 1)               15 सीटें (कम-अधिक 2)

आआपा        12 सीटें (कम-अधिक 1)                12 सीटें (कम-अधिक 1)

मगोपा           05 सीटें (कम-अधिक 1)                05 सीटें (कम-अधिक 1)

शिसे              01 सीट                                         01 सीट

गोसुमं            01 सीट                                        01 सीट

अन्य              02 सीटें                                        02 सीटें

मणिपुर

इस राज्य की हमने तीन विधियों से गणना की|

                      (1)राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों       (2)राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों     (3)राष्ट्रीय पार्टियों के

                          के प्रदेशाध्यक्षों सहित                     के प्रदेशाध्यक्षों रहित                     प्रदेशाध्यक्षों सहित

तृमूकां             12 सीटें (कम-अधिक 1)               14 सीटें (कम-अधिक 1 )           20 सीटें (कम-अधिक 2)

भाजपा            20 सीटें (कम-अधिक 2)             16 सीटें (कम-अधिक 2)           6 सीटें (कम-अधिक 1)

भाराकां           25 सीटें (कम-अधिक 3)              27 सीटें (कम-अधिक 3)           49 सीटें (कम-अधिक 5)

नपीफ्र             03 सीटें                                        03 सीटें                                      42 सीटें (कम-अधिक 4)

अन्य-             03 सीटें                                        03 सीटें                                       03 सीटें

इस प्रकार हमने अपनी भविष्यवाणी की आधार-गणनाएँ आपके सम्मुख रख दी हैं| इसके पीछे हमारा उद्देश्य यही है कि आप इन भविष्यवाणियों की विधि व इस में हमारी मेहनत से भी परिचित हो जाएँ| अब 11 मार्च को आने वाले मतगणना के परिणामों को अंक ज्योतिष के विद्यार्थी होने के नाते भविष्य की गणनाओं में काम लेंगे| ……… जय श्री राम

Advertisements

 विधान सभा चुनाव-2017 :: उत्तराखण्ड : किसे कितनी सीटें : भाग-2 : बाज़ी फिर भी कांग्रेस के हाथ 


जय श्री राम ………| आदरणीय मित्रो, हमारी ‘कृपात्रयी’ (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) की कृपा से हालिया विधान सभा चुनावों सम्बन्धी भविष्यवाणी के पहले चरण में अब प्रस्तुत है उत्तराखण्ड की बात का दूसरा भाग| पहले हमारा विचार यह दूसरा भाग तैयार करने का नहीं था, मगर फिर सोचा कि उत्तराखण्ड के साथ एक विचित्र बात है| निर्माण के समय इस राज्य का नाम ‘उत्तराँचल’ था, मगर बाद में 01 जनवरी, 2007 को ‘उत्तराखण्ड’ कर दिया गया| हमने इस राज्य सम्बन्धी भविष्यवाणी के पहले भाग में इस राज्य के निर्माण की दिनांक 09 नवम्बर, 2000 काम में ली है| उसके अनुसार किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, यह हम बता ही चुके हैं| फिर हमने सोचा कि इस राज्य का नाम जब ‘उत्तराखण्ड’ रखा गया, उस दिनांक से भी गणना कर देखें क्योंकि यह तो स्पष्ट नहीं हो रहा है कि उक्त दोनों में से कौनसी दिनांक अन्तिम रूप से निश्चित है? पिछले विधान सभा चुनाव में हमारी भविष्यवाणी ग़लत ठहरी थी| इस बार अतिरिक्त सावधानी के रूप में हमने यह प्रयास भी कर लेने की सोची| यह प्रयास और कुछ नहीं, अंक ज्योतिष के विद्यार्थी के नाते एक ईमानदारीभरा प्रयास मात्र है| इस राज्य के नाम-परिवर्तन वाली दिनांक यानि 01 जनवरी, 2007 काम लेने से मूलांक, भाग्यांक, आयु-अंक, दिन-अंक के साथ-साथ विधान सभा अंक भी बदल गया है| इस गणना में राष्ट्रीय पार्टियों भाजपा व कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्षों को सम्मिलित किया गया है| शेष दलों व निर्दलियों को हमने ‘अन्य’ के अन्तर्गत लिया है| तो आइए, देखते हैं कि उत्तराखण्ड की यह दिनांक काम लेने से क्या तस्वीर उभर कर आती है?

गणनीय अंक

उत्तराखण्ड:-मूलांक:-1   भाग्यांक:-2   आयु-अंक:-2 (11 वाँ)     नामांक:-8     दिन-अंक:-2, 7

मतगणना:-मूलांक:-2      भाग्यांक:-6     दिन-अंक:-8      वर्षांक:-1      चलित:-3

विधान सभा-अंक:-3 (तीसरी)

व्यक्ति/पार्टी मूलांक भाग्यांक आयु-अंक नामांक दिन-अंक एकल योग महायोग
भाजपा 6

3+

1

0

1

0

2

13+

1

0

4

4-

12+/6

=2+

14.63+/3

=4.87+

अमित शाह 4

4-

7

4+

8

6+

6

3+

3

10+

  19+/5

=3.8+

अजय भट्ट 1

0

5

10+

2

13+

2

13+

2

13+

7

4+

53+/6

=8.83+

भाराकां 2

13+

1

0

4

4-

3

10+

2

13+

7

4+

36+/6

=6+

16.96+/3

=5.65+

सोनिया गांधी 9

4-

5

10+

8

6+

9

4-

2

13+

7

4+

25+/6

=4.16+

किशोर उपाध्याय 1

0

3

10+

5

10+

7

4+

3

10+

 

 

34+/5

=6.8+

 

कुल निर्वाचनीय सीटें=70

कुल=भाजपा+कांग्रेस=4.87+5.65=10.52+

कांग्रेस=5.65+*100/10.52=53.7*70=37.59=38 सीटें

भाजपा=4.87+*100/10.52=46.29*70=32.4=32 सीटें

इसलिए अन्तिम रूप से:-

कांग्रेस=38 सीटें (कम-अधिक 4)            भाजपा=32 सीटें (कम-अधिक 3)

अन्य=04 सीटें (कुल निर्वाचनीय सीटों की 5%)

यह दिनांक काम लेने पर भी कांग्रेस ही बहुमत प्राप्त करती हुई दिख रही है| अतः यह बात साफ है कि इस बार उत्तराखण्ड विधान सभा चुनाव में कांग्रेस फिर से सरकार बनाने जा रही है| उसे इस बार किसी से समर्थन माँगना नहीं पड़ेगा| ……. जय श्री राम

 

विधान सभा चुनाव-2017 :: पंजाब : किसे कितनी सीटें : इस बार कांग्रेस की बल्ले-बल्ले


जय श्री राम ………| आदरणीय मित्रो, हमारी ‘कृपात्रयी’ (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) की कृपा से हालिया विधान सभा चुनावों सम्बन्धी सीटों की संख्या सम्बन्धी भविष्यवाणी के क्रम में प्रस्तुत है पंजाब की बात| यहाँ इस बार चुनाव त्रिकोणीय है| सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी गठबन्धन व कांग्रेस के बीच कूद कर ‘आम आदमी पार्टी’ ने इस बार के दंगल को बहुत दिलचस्प बना दिया है| पंजाब के बारे में पिछले विधान सभा चुनाव में हमारी भविष्यवाणी चमत्कारिक रूप से सही ठहरी थी| तब अंक ज्योतिष एवं बॉडी लैंग्वेज पर आधारित अपने मासिक अख़बार ‘अंक प्रभा’ के 01 जनवरी, 2012 के अंक में हमने कहा था कि ‘पंजाब : अकाली-भाजपा फिर एक बार’, यद्यपि ऐसा कहने पर हमें न सिर्फ़ ज्योतिषियों, बल्कि राजनेताओं की हँसी का पात्र भी बनना पड़ा था, मगर हमारी भविष्यवाणी सही ठहरने ने सभी का मुँह बन्द कर दिया था|

इस गणना में राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों को सम्मिलित किया गया है; साथ ही प्रमुख दलों को लिया गया है| शेष पार्टियों व निर्दलियों को ‘अन्य’ में सम्मिलित किया गया है|  हमने भारतीय जनता पार्टी को ‘भाजपा’, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को ‘भाराकां’ व आम आदमी पार्टी को ‘आआपा’ लिखा है|

गणनीय अंक

पंजाब:-मूलांक:-1   भाग्यांक:-7   आयु-अंक:-6 (51 वाँ)     नामांक:-5     दिन-अंक:-9

मतगणना:-मूलांक:-2      भाग्यांक:-6     दिन-अंक:-8      वर्षांक:-1      चलित:-3

विधान सभा-अंक:-6 (15 वीं)

 

पार्टी/व्यक्ति मूलांक भाग्यांक नामांक आयु-अंक दिन-अंक एकल योग महायोग
शिअद

 

5

5+

2

7+

9

+

8

+

9

+

  15+/5

=3+

7.13+/2

=3,56+

सुखबीर सिंह 9

+

7

7+

4

0

 

1

4+

2

7+

7

7+

26+/6

=4.33+

 भाजपा

 

6

3+

1

4+

2

7+

1

4+

1

4+

4

0

22+/6

=3.66+

 

13.82+/3

=4.6+

अमित शाह

 

4

0

7

7+

6

3+

8

+

3

9+

  20+/5

=4+

 
विजय सांपला 6

3+

3

9+

3

9+

2

7+

3

9+

  37+/6

=6.16+

भाराकां

 

2

7+

1

4+

3

9+

4

0

2

7+

7

7+

34+/6

=5.66+

14.12+/3

=4.7+

सोनिया गांधी 9

+

5

5+

9

+

8

0

2

8+

7

7+

22+/6

=3.66=

अमरिन्दर सिंह 2

7+

3

9+

6

3+

4

0

5

5+

  24+/5

=4.8+

आआपा

 

8

+

6

3+

8

+

5

5+

2

7+

7

7+

24+/6

=4+

7.8+/2

=3.9+

अरविन्द केजरीवाल 7

7+

3

9+

4

0

4

0

6

3+

  19+/5

=3.8+

कुल निर्वाचनीय सीटें=117

कुल=शिअद+भाजपा+भाराकां+आआपा=3.56+4.6+4.7+3.9=16.76

शिअद=3.56*100/16.76=21.24*94=19.96=20 सीटें     भाजपा=4.6*100/16.76=27.44*23=06.31=06 सीटें

भाराकां=4.7*100/16.76=28.04*117=32.81=32 सीटें   आआपा=3.9*100/16.76=23.33*117=27.30=27 सीटें

अब तक की कुल सीटें=20+06+32+27=85      शेष सीटें=32

भाराकां+आआपा=4.7+3.9=8.6

भाराकां=4.7*100/8.6=54.65*32=17.48=17          आआपा=3.9*100/8.6=43.34*32=14.51=15

भाराकां=32+17=49 सीटें        आआपा=27+15=42 सीटें

इसलिए अन्तिम रूप से-

   शिअद=20 सीटें (कम-अधिक 2 सीटें)         भाजपा=06 सीटें (कम-अधिक 1 सीट) 

   भाराकां=49 सीटें (कम-अधिक 5 सीटें)                आआपा=42 सीटें (कम-अधिक 4 सीटें)  

   अन्य= 6 सीटें (कुल निर्वाचनीय सीटों की 5%)

इस प्रकार यह साफ़ है कि इस बार पंजाब की सत्ता का चेहरा बदलने जा रहा है| दस बरसों से लगातार सत्ता में रहने वाला ‘अकाली-भाजपा गठबन्धन’ सत्ता से बाहर होगा और कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सत्ता पर काबिज होने के सबसे नजदीक रहेगी| अब यह देखना है कि कांग्रेस कम पड़ने वाली सीटों की कमी किस तरह करेगी? बहुत सम्भव है कि सरकार बनाने के लिए गोवा की तरह यहाँ भी कांग्रेस और आआपा साथ आ जाएँ| पंजाब के इस चुनाव के सम्बन्ध में हम विश्लेषणपरक चर्चा इस शृंखला के दूसरे चरण की पोस्ट में करेंगे| ……. जय श्री राम|

 

 

 

विधान सभा चुनाव-2017 :: उत्तर प्रदेश : किसे कितनी सीटें : भाजपा का चमत्कारिक प्रदर्शन


जय श्री राम ………| आदरणीय मित्रो, हमारी ‘कृपात्रयी’ (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) की कृपा से हालिया विधान सभा चुनावों सम्बन्धी सीटों की संख्या सम्बन्धी भविष्यवाणी के क्रम में प्रस्तुत है उत्तर प्रदेश की बात| यहाँ इस बार चुनाव हमेशा से कहीं अधिक दिलचस्प है| कांग्रेस व सपा ने चुनावी गठबन्धन किया है| भाजपा बहुत उम्मीदों के साथ मैदान में है, तो रालोद अकेले ही कूद पड़ा है| पिछले विधान सभा चुनाव में मुलायम सिंह के बारे में हमारी भविष्यवाणी चमत्कारिक रूप से सही ठहरी थी| तब अंक ज्योतिष एवं बॉडी लैंग्वेज पर आधारित अपने मासिक अख़बार ‘अंक प्रभा’ के 01 फ़रवरी, 2012 के अंक में हमने कहा था कि कुर्सी अभी दूर रहेगी| ऐसा ही हुआ| सपा के पूर्ण बहुमत के बाद भी मुख्यमन्त्री की कुर्सी मुलायम से दूर ही रही|

इस गणना में राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों को सम्मिलित किया गया है; साथ ही प्रमुख दलों को लिया गया है| शेष पार्टियों व निर्दलियों को ‘अन्य’ में सम्मिलित किया गया है|  हमने भारतीय जनता पार्टी और उसके चुनावी गठबन्धन के साथियों को ‘भाजपा+’, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को ‘भाराकां’ लिखा है|

गणनीय अंक

उत्तर प्रदेश:-मूलांक:-8   भाग्यांक:-6   आयु-अंक:-5 (68 वाँ)     नामांक:-9     दिन-अंक:-3

मतगणना:-मूलांक:-2      भाग्यांक:-6     दिन-अंक:-8      वर्षांक:-1      चलित:-3

विधान सभा-अंक:-8 (17 वीं)

व्यक्ति/पार्टी मूलांक भाग्यांक आयु-अंक नामांक दिन-अंक एकल योग महायोग
भाजपा 6

1

2-

1

2-

2

8+

1

2-

4

4-

3-/6

=.5-

5.1+/3

=1.7+

अमित शाह 4

4-

7

5+

8

9+

6

3

11+

  20+/5

=4+

केशव प्रसाद मौर्य 7

5+

1

2-

1

2-

2

8+

5

  8+/5

=1.6+

भाराकां 2

8+

1

2-

4

4-

3

11+

2

8+

7

5+

26+/6

=4.33+

11.32+/3

=3.77+

सोनिया गांधी 9

2+

5

8

9+

9

2+

2

8+

7

5+

25+/6

=4.16+

राज बब्बर 5

1

2-

2

8+

5

2

8+

7

5+

17+/6

=2.83+

बसपा 5

4

4-

6

2

8+

8

9+

 

 

11+/5

=2.2+

2.7+/3

=.9+

मायावती 6

1

2-

8

9+

1

2-

1

2-

4

4-

2-/6

=.33-

राम अचल राजभर 6

1

2-

8

9+

7

5+

1

2-

4

4-

5+/6

=.83+

सपा 4

4-

8

9+

7

5+

2

8+

1

2-

4

4-

12+/6

=2+

अखिलेश यादव 6

8

9+

9

2+

2

8+

2

8+

7

5+

31+/6=5.33+ 8.13+/3

=2.17+

 

विधान सभा की निर्वाचनीय सीटों की संख्या=403

कुल=सपा+बसपा+भाजपा+भाराकां=3.66+.9+1.7+3.77=10.03+

सपा=3.66*100/10.03=36.49*298=108.74=109 सीटें   बसपा=.9*100/10.03=.08*403=36.16=36 सीटें    भाजपा+=1.7*100/10.03=16.94*403=68.03=68 सीटें      भाराकां=3.77*100/10.03=37.58*105=39.46=39 सीटें

अब तक की कुल सीटें=109+36+68+39=252      शेष सीटें=403-252=151

=बसपा+भाजपा=.9+1.7=2.6+

बसपा=.9*100/2.6=34.61*151=52.26=52 सीटें       भाजपा+=1.7*100/2.6=65.38*151=98.73=99 सीटें

अतः बसपा की कुल सीटें=36+52=88      भाजपा की कुल सीटें=68+99=167

अन्तिम रूप से:-

सपा=109 सीटें (कम-अधिक 11)         बसपा=88 सीटें (कम-अधिक 9)

भाजपा+=167 सीटें (कम-अधिक 17)      भाराकां=39 सीटें (कम-अधिक 4)

अन्य=20 सीटें (कुल निर्वाचनीय सीटों की 5%)

इस तरह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार फिर से बनती नहीं दिख रही है| इस सरकार को विदा होना होगा| हालाँकि अखिलेश के ख़ुद के अंक अच्छे हैं, मगर समाजवादी पार्टी के ख़राब अंकों का ख़ामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा| इस आकलन से एक बात और उभर कर सामने आती है कि सपा-कांग्रेस के चुनावी गठबन्धन का कांग्रेस को बड़ा लाभ होने जा रहा है, जबकि सपा को लाभ की बजाय हानि ही उठानी पड़ रही है| एक लम्बे अर्से बाद भाजपा चमत्कारिक प्रदर्शन कर नम्बर एक के स्थान पर बैठती दिख रही है| इसलिए अगर उत्तर प्रदेश के ‘सिंहासन’ पर इस बार नया मुख्यमंत्री देखने को मिल सकता है| हाँ, यदि यह ‘नया मुख्यमंत्री’ कोई ‘पुराना यानी पूर्व मुख्यमंत्री’ हो तो अचम्भा नहीं होना चाहिए ……… जय श्री राम

विधान सभा चुनाव-2017 :: उत्तराखण्ड : किसे कितनी सीटें : बाज़ी कांग्रेस के हाथ


जय श्री राम ………| आदरणीय मित्रो, हमारी ‘कृपात्रयी’ (प.पू. गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) की कृपा से हालिया विधान सभा चुनावों सम्बन्धी भविष्यवाणी के पहले चरण में अब प्रस्तुत है उत्तराखण्ड की बात| पिछले चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा से एक सीट के बहुत मामूली अन्तर से आगे रह कर सरकार बनायी थी| इस गणना में राष्ट्रीय पार्टियों भाजपा व कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्षों को सम्मिलित किया गया है| शेष दलों व निर्दलियों को हमने ‘अन्य’ के अन्तर्गत लिया है|

गणनीय अंक

उत्तराखण्ड:-मूलांक:-9   भाग्यांक:-4   आयु-अंक:-8 (17 वाँ)     नामांक:-8     दिन-अंक:-3

मतगणना:-मूलांक:-2      भाग्यांक:-6     दिन-अंक:-8      वर्षांक:-1      चलित:-3

विधान सभा-अंक:-4 (चौथी)

व्यक्ति/पार्टी मूलांक भाग्यांक आयु-अंक नामांक दिन-अंक एकल योग महायोग
भाजपा 6

5+

1

6-

1

6-

2

12+

1

6-

4

2-

3-/6

=.5-

10.83+/3

=3.61+

अमित शाह 4

2-

7

9+

8

4+

6

5+

3

9+

25+/5

=5+

अजय भट्ट 1

6-

5

2

12+

2

12+

2

12+

7

9+

38+/6

=6.33+

भाराकां 2

12+

1

6-

4

2-

3

9+

2

12+

7

9+

34+/6

=5.66+

14.99+/3

=4.99+

सोनिया गांधी 9

4+

5

8

4+

9

4+

2

12+

7

9+

32+/6

=5.33+

किशोर उपाध्याय 1

6-

3

9+

5

7

9+

3

9+

 

 

20+/5

=4+

 

कुल निर्वाचनीय सीटें=70

कुल=भाजपा+कांग्रेस=3.61+4.99=8.6+

कांग्रेस=4.99+*100/8.6=58.02*70=40.61=41 सीटें

भाजपा=3.61+*100/8.6=41.9*70=29.33=29 सीटें

इसलिए अन्तिम रूप से:-

कांग्रेस=41 सीटें (कम-अधिक 4)            भाजपा=29 सीटें (कम-अधिक 3)

अन्य=04 सीटें (कुल निर्वाचनीय सीटों की 5%)

इस तरह यह स्पष्ट है कि इस बार उत्तराखण्ड विधान सभा चुनाव में कांग्रेस इस बार पिछली बार से कहीं बड़ी जीत प्राप्त कर रही है| उसे इस बार किसी से समर्थन माँगना नहीं पड़ेगा| उत्तराखण्ड के इस चुनाव के सम्बन्ध में हम विश्लेषणपरक चर्चा इस शृंखला के दूसरे चरण की पोस्ट में करेंगे| ……. जय श्री राम

केरल विधान सभा चुनाव : इस बार ‘एल डी एफ’


keralaजय श्री राम ………… आदरणीय मित्रो, विधान सभा चुनावों की चर्चा के इस क्रम में अब बात करते हैं सुदूर दक्षिणी राज्य ‘केरल’ की| इस राज्य में ‘म्यूज़िकल चेयर’ का खेल रहा करता है यानि काँग्रेसनीत मोर्चा व वाम मोर्चा बारी-बारी से सत्तासीन होते हैं| तो क्या इस बार भी ऐसा ही होगा या फिर तमिलनाडू और पश्चिम बंगाल की तरह यहाँ भी वर्तमान सत्तासीन समूह फिर से सत्ता में आएगा?

केरल : 01-11-1956    गुरुवार

मूलांक:-1     भाग्यांक:-6     आयु-अंक:-6 (60 वाँ)      नामांक;-5       दिन-अंक:-3

चलित दशा:-अंक 6 (वर्ष 2014 से वर्ष 2019 तक)

मतगणना : 19-05-2016     गुरुवार

मूलांक:-1     भाग्यांक:-6     दिन-अंक:-3      चलित अंक:-6      वर्षांक:-9

विधान सभा अंक:-5 (14 वीं)

सबसे पहले तो यह देखते हैं कि स्वयं केरल राज्य के अंक क्या कहते हैं? केरल का मूलांक 1 मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह युति नेतृत्व के पक्ष में जाती है| यही अंक 1 विधान सभा अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यह युति नेतृत्व सम्बन्धी अस्थिरता या डावांडोल स्थिति बताती है| केरल का भाग्यांक 6+केरल का आयु-अंक 6 मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ प्रतिरूप युति अंक 1 की पीछे वर्णित युतियों के साथ यह बताती है कि इस बार नेतृत्व के मामले में अंक 6 का भ्रष्ट रूप महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा यानि धन सम्बन्धी भ्रष्टाचार व सैक्स स्कैंडल इस बार के चुनावी समर में निर्णायक भूमिका निभाएगा| यह अंक 6 मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति व चुनावी वर्षांक 9 के साथ विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ बताती हैं कि इस बार की चुनावी लड़ाई का निर्णय केरल के लिए सुगम, सहज व सरल नहीं रहेगा| यह उठापटक भरा व परिवर्तन वाला रहेगा| इसका अर्थ यह हुआ कि इस बार सरकार बदल सकती है| इसी प्रकार केरल के नामांक 5 की मतगणना के दिन-अंक 3 व चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विरोधी युति यह बताती है कि इस बार की मतगणना के परिणाम बहुत उठापटक वाले व बड़े बदलाव वाले होंगे| यह बात वर्तमान नेतृत्व के विरुद्ध जाती हैं| इसका अर्थ यह हुआ कि इस बार नयी सरकार व नया नेतृत्व देखने को मिल सकता है| केरल का दिन-अंक 3 मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6+विधान सभा अंक 5 के साथ मित्र युति व मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| अंक 3 निर्णय व नवीनता का है| अंक 3 की ये युतियाँ बताती हैं कि इस बार मतगणना का निर्णय नवीन नेतृत्व के पक्ष में जा सकता है| केरल राज्य को अभी अंक 6 की दशा चल रही है| यह वर्ष 2019 तक चलेगी| यह इस राज्य के भाग्यांक की दशा है| पिछली बार यह दशा वर्ष 2005 में लगी थी| तब इसने मुख्यमन्त्री बदला था| इस बार यह दशा फिर मुख्यमन्त्री बदलेगी| या परिवर्तन अभी तो होगा ही, इस के बाद एक बार और हो सकता है| केरल मूलांक 1 के प्रबल विरोधी अंक 8 व भाग्यांक के विरोशी अंक 9 के वर्ष 62 वें व 63 वें वर्ष में फिर मुख्यमन्त्री बदल सकता है| यह मुख्यमन्त्री-परिवर्तन दुर्घटना/मृत्यु/असंतोष/बग़ावत के कारण होगा| उक्त अंकीय युतियाँ यह बताती हैं कि इस बार की चुनावी लड़ाई केरल में नया नेतृत्व व नयी सरकार लाने जा रही है| यह नयी सरकार किस पार्टी या गठबंधन की होगी, यह आगे के विश्लेषण में देखेंगे|

ओमन चांडी : 31-10-1943 : रविवार

मूलांक:-4      भाग्यांक:-4      आयु-अंक:-1 (73 वाँ)      नामांक;-6        दिन-अंक:-1, 4

इस क्रम में सबसे पहले बात करते हैं केरल के मौजूदा मुख्यमन्त्री ओमन चांडी की| क्या इनके अंक यह बताते हैं कि ये मुख्यमन्त्री के रूप में लगातार रहेंगे? चांडी के आयु-अंक 1+चांडी के दिन-अंक 1 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 1+चांडी का मूलांक 4+चांडी का भाग्यांक 4+चांडी का दिन-अंक 4 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| अंक 1 की प्रतिरूप युति व अंक 5 के साथ युति नेतृत्व अनिश्चित स्थिति बताती है| इसी प्रकार चांडी का मूलांक 4+चांडी का भाग्यांक 4+चांडी का दिन-अंक 4 की अंक 5 के साथ युति इस अनिश्चितता वाली बात को पितृ दोष से जोड़ देती है| यह समीकरण चांडी के फिर से मुख्यमन्त्री बनने के विरुद्ध जाता है| चांडी का नामांक 6 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह चांडी के विरुद्ध जाती है| यह अंक 6 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति व चुनावी वर्षांक 9 के साथ विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ चुनावी लड़ाई में विपरीत निर्णय बताती हैं| इसका अर्थ यह हुआ कि इस बार के चुनाव-परिणाम चांडी के विरुद्ध जाएँगे| केरल की अंक 6 की दशा ने पिछली बार चांडी के पद की बलि ले ली थी, इस बार भी ऐसा ही होगा| चांडी ने 18-05-2011 को मुख्यमन्त्री के रूप में शपथ ली थी| इसके मूलांक व भाग्यांक 9 की इस बार प्रबल विपरीतता है| इस कारण चांडी को मुख्यमन्त्री पद से विदा होना पड़ेगा| इनके समय की विपरीतता तो इतनी अधिक है कि यदि इनका गठबंधन फिर से सत्ता में आ भी जाता तो इन्हें मुख्यमन्त्री पद नहीं मिलता|

भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस : 02-01-1978      सोमवार

मूलांक:-2       भाग्यांक:-1       आयु-अंक:-3 (39 वाँ)      नामांक;-3       दिन-अंक:-2, 7

सोनिया गांधी : 09-12-1946     सोमवार

मूलांक:-4      भाग्यांक:-4      आयु-अंक:-1 (73 वाँ)      नामांक;-9        दिन-अंक:-2, 7

वी॰ एम॰ सुधीरन : 26-05-1948     : बुधवार

मूलांक:-8      भाग्यांक:-8      आयु-अंक:-5 (68 वाँ)      नामांक;-1      दिन-अंक:-5

काँग्रेस का भाग्यांक 1+सुधीरन का नामांक 1 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 1 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| अंक 1 की प्रतिरूप युति व अंक 5 के साथ युति नेतृत्व सम्बन्धी अनिश्चित स्थिति बताती है| काँग्रेस का मूलांक 2+काँग्रेस का दिन-अंक 2+सोनिया का दिन-अंक 2+सोनिया का आयु-अंक 7+सोनिया का दिन-अंक 7+काँग्रेस का दिन-अंक 7 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1+केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| इस का अर्थ यह है कि मतगणना के परिणाम काँग्रेस के बहुत अधिक विपरीत नहीं रहेंगे| ये युतियाँ काँग्रेस की अच्छी स्थिति बताते हैं| इस बात को काँग्रेस के नामांक 3+काँग्रेस के आयु-अंक 3 की केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति व केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5+केरल के भाग्यांक 6+केरल के आयु-अंक 6+मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ मित्र युति पुष्ट करती है| अब तक की युतियाँ तो काँग्रेस के लिए अनुकूलता बता रही हैं| सोनिया का भाग्यांक 5+सुधीरन का आयु-अंक 5+सुधीरन का दिन-अंक 5 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ मित्र युति बनाता है| यह अंक 5 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| ये युतियाँ नेतृत्वगत अस्थिरता या डावांडोल स्थिति बताती हैं| यह बात काँग्रेस के सर्वथा विपरीत जाती हैं| इस अंक 5 की केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विपरीत युति चुनावी लड़ाई में निर्णयगत विपरीतता बताती है| इसका अर्थ यह हुआ कि इस बार की चुनावी लड़ाई का परिणाम काँग्रेस के पक्ष में ‘नेतृत्वकारी रूप में’ नहीं होगा यानि कि यह पार्टी इस बार सत्ता पर काबिज़ नहीं हो पाएगी| सुधीरन का मूलांक 8+सुधीरन का भाग्यांक 8 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह पितृ द्रोह युति है, जो कि नेतृत्व के विरुद्ध जाती है| यह अंक 8 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ मित्र युति बनाता है, जो कि निर्णय सम्बन्धी उठापटक व परिवर्तन बताती है| यह अंक 8 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ विरोधी युति बनाता है, जो कि विचलन व परिवर्तन बताती है| सोनिया का मूलांक 9+सोनिया का नामांक 9 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति व चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| ये युतियाँ चुनावी लड़ाई में अनुकूलता बताती हैं| इसका अर्थ यह हुआ कि इस चुनावी लड़ाई में काँग्रेस की स्थिति कोई बहुत बुरी नहीं रहेगी| इसे अच्छी संख्या में सीटें मिल सकती हैं| यह अंक 9 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 व केरल के भाग्यांक 6+मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6+केरल के आयु-अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ चुनावी लड़ाई मे उठापटक सम्बन्धी विपरीतता बताती हैं| इस अंकीय विश्लेषण से स्पष्ट है कि केरल में इस बार काँग्रेस को सत्ता से बाहर होना पड़ेगा| हाइन, उसे तसल्ली इस बात की हो सकती है कि उसका हाल लोक सभा जितना ‘बहुत बुरा’ नहीं होगा| उसे सम्मानजनक संख्या में सीटें मिल सकती हैं| 

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इण्डिया : 26-12-1925    शनिवार

मूलांक:-8      भाग्यांक:-1     आयु-अंक:-1 (91 वाँ)      नामांक;-8      दिन-अंक:-8

सुरावरम सुधाकर रेड्डी : 25-03-1942       बुधवार

मूलांक:-7       भाग्यांक:-8      आयु-अंक:-3  (75 वाँ)      नामांक;-3       दिन-अंक:-5

कनम राजेन्द्रन : 10-11-1950     शुक्रवार

मूलांक:-1       भाग्यांक:-9       आयु-अंक:-3 (66 वाँ)      नामांक;-3       दिन-अंक:-6

सीपीआई का भाग्यांक 1+सीपीआई का आयु-अंक 1+कनम का मूलांक 1 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 1 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| अंक 1 की प्रतिरूप युति व अंक 5 के साथ युति नेतृत्व सम्बन्धी डावांडोल स्थिति बताती है| रेड्डी का आयु-अंक 3+रेड्डी का नामांक 3+कनम का आयु-अंक 3+कनम का नामांक 3 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति व केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5+केरल के भाग्यांक 6+केरल के आयु-अंक 6+मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ मित्र युति पुष्ट करती है| अंक 3 की प्रतिरूप युति निर्णय संबंधी अनुकूलता स्थिर करती है, तो अंक 3 की अंक 5 के साथ युति निर्णयगत अस्थिरता व अंक 3 की अंक 6 के साथ युति इस अवस्था का सुख-भंग बताता है| अतः यह कहा जा सकता है कि सीपीआई के लिए इस बार के चुनाव-परिणाम सुखद रहने वाले हैं| हाँ, कुछ महत्त्वपूर्ण अंकीय समीकरणों के विपरीत बैठने के कारण इसे ‘धांसू लाभकारी स्थिति’ नहीं रहेगी| रेड्डी का दिन-अंक केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ मित्र युति बनाता है| यह अंक 5 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| ये युतियाँ नेतृत्वगत अस्थिरता या डावांडोल स्थिति बताती हैं| यह बात सीपीआई को सत्ता का मुखिया नहीं बनने देंगी| इस अंक 5 की केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विपरीत युति भी यही बताती है कि सीपीआई के लिए इस बार चुनाव-परिणाम बहुत बड़ी उछल वाले नहीं रहेंगे| सीपीआई का मूलांक 8+रेड्डी का भाग्यांक 8+सीपीआई का नामांक 8+सीपीआई का दिन-अंक 8 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह पितृ द्रोह युति है, जो कि नेतृत्व के विरुद्ध जाती है| यह अंक 8 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ मित्र युति बनाता है, जो कि निर्णय सम्बन्धी उठापटक व परिवर्तन बताती है| यह अंक 8 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ उठापटक से लाभ बताती हैं| कनम का भाग्यांक 9 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति व चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| ये युतियाँ चुनावी लड़ाई उठापटक के पक्ष रहना व अनुकूलता रहना बताती हैं| रेड्डी का मूलांक 7 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1+केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यह युति ‘गठबंधन में रहने से लाभ’ बताती है| अतः सीपीआई को वाम मोर्चे मे रहने का लाभ तो मिलेगा| कनम का दिन-अंक 6 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह सीपीआई के विरुद्ध जाती है| यह अंक 6 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति व चुनावी वर्षांक 9 के साथ विरोधी युति बनाता है| इस कारण सीपीआई केरल की सत्ता की मुखिया नहीं बन पाएगी| उक्त अंकीय विश्लेषण यह बताता है कि इस बार सीपीआई को सत्ता सुख मिल सकता है| यह तभी संभव है, जबकि वाम मोर्चा सत्ता मे आए| अतः यह कहा जा सकता है कि इस बार वाम मोर्चा सत्ता पाने जा रहा है|

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी : 07-11-1964     शनिवार

मूलांक:-7      भाग्यांक:-2        आयु-अंक:-7 (52 वाँ)      नामांक;-1        दिन-अंक:-8

सीताराम येचुरी : 12-08-1952      मंगलवार

मूलांक:-1       भाग्यांक:-9       आयु-अंक:-3 (66 वाँ)      नामांक;-3       दिन-अंक:-6

कोडिएरी बालकृष्णन (बाला) : 16-11-1953       सोमवार

मूलांक:-1       भाग्यांक:-9       आयु-अंक:-3 (66 वाँ)      नामांक;-3       दिन-अंक:-6

येचुरी का भाग्यांक 1+सीपीएम का नामांक 1 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 1 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| अंक 1 की प्रतिरूप युति व अंक 5 के साथ युति नेतृत्व सम्बन्धी अनिश्चित स्थिति बताती है| सीपीएम का भाग्यांक 2+बाला का दिन-अंक 2+बाला का मूलांक 7+बाला का दिन-अंक 7+सीपीएम का मूलांक 7+सीपीएम का आयु-अंक 7 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1+केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| ये युतियाँ गठबंधन से व गठबंधन को लाभ बताती हैं| ये युतियाँ काँग्रेस की अच्छी स्थिति बताती  हैं| इस का अर्थ यह है कि मतगणना के परिणाम सीपीएम के बहुत अनुकूल रहेंगे व इस का दिल ख़ुश कर देंगे| येचुरी का नामांक 3+येचुरी का मूलांक 3 की केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति व केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5+केरल के भाग्यांक 6+केरल के आयु-अंक 6+मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ मित्र युति सीपीएम की इसी लाभ में रहने वाली स्थिति को पक्की करती है| कनम का भाग्यांक 9 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति व चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| ये युतियाँ चुनावी लड़ाई उठापटक के पक्ष रहना व अनुकूलता रहना बताती हैं| इसका अर्थ यह हुआ कि इस बार की चुनावी लड़ाई का परिणाम सीपीएम के अनुकूल रह सकता है| सीपीएम का दिन-अंक 8 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह पितृ द्रोह युति है, जो कि नेतृत्व के विरुद्ध जाती है| यह अंक 8 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ मित्र युति बनाता है, जो कि निर्णय सम्बन्धी उठापटक व परिवर्तन बताती है| यह अंक 8 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ उठापटक से लाभ बताती हैं| अंक 8 की उक्त युतियों के संयुक्त विश्लेषण का फल यह है कि इस बार मतगणना के परिणाम उठापटक व परिवर्तन वाले रहेंगे तथा यह परिवर्तन सीपीएम के पक्ष में जाएगा| यह उठापटक एक और रूप में भी होगी| सीपीएम में इस बार नेतृत्व के लिए दलगत परिवर्तन व उठापटक हो सकती है| इसका अर्थ यह हुआ कि इस बार मुख्यमन्त्री के नाम को लेकर बड़ी खींचातानी संभव है| यह भी संभव है कि वी॰ एस॰ अच्युतानन्दन को मुख्यमन्त्री न बनाया जाए| वैसे इस अंकीय विश्लेषण को केरल के अंकीय विश्लेषण के साथ जोड़ कर देखा जाए तो ये दो निष्कर्ष प्रमुखता से मिलते हैं कि (1) अच्युतानन्दन को ही मुख्यमन्त्री बनाया जाए और (2) जो कोई भी मुख्यमन्त्री बने, केरल के 62 वें व 63 वें वर्ष यानि कि 01-11-2017 से 31-10-2019 के बीच मुख्यमन्त्री बदलना है|        

हमने उक्त गणनाओं में भारतीय जनता पार्टी का अंकीय विश्लेषण प्रस्तुत नहीं किया है| इसका कारण यह है कि भाजपा के अंकीय विश्लेषण में वह ‘गौण अवस्था’ में मिला| भाजपा यहाँ दहाई में भी सीटें पा लें तो ‘चमत्कार’ माना जाना चाहिए| यहाँ भाजपा को 2 से 5 सीटें मिल जाना भी अत्यंत सुखद होगा|

मित्रो, इसी के साथ ही विधान सभा चुनावों की इस चर्चा को अब यहीं विराम देंगे| वर्ष 2011 में तो हमने इन चारों राज्यों के साथ पुड्डुचेरी के बारे में भी भविष्यवाणी कि थी, मगर इस बार समयाभाव के कारण ऐसा नहीं कर रहे हैं| इन भविष्यवाणियों के रूप में हमने तो पूरी ईमानदारी से अपने ज्योतिषीय कर्त्तव्य का निर्वहन किया है| अब आगे हमारी ‘कृपात्रयी’ (परम पूज्य गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) जानें| अब प्रतीक्षा करते हैं चुनाव-परिणाम की| उसके बाद फिर यहीं उस बारे में बात करेंगे तब तक के लिए ……… ‘आज के आनंद की जय’| ………… जय श्री राम

तमिलनाडू विधान सभा चुनाव : फिर होगी जयललिता की ‘जय’


tamilnaduजय श्री राम ………… आदरणीय मित्रो, हालिया विधान सभा चुनावों के संदर्भ में अब बात करते हैं तमिलनाडू राज्य की| यहाँ हमेशा वाली ‘म्यूजिकल चेयर’ रहेगी, या फिर इस बार जयललिता लगातार दूसरी बार सत्ता मे आने का करिश्मा करेंगी? अब तक यह करिश्मा सिर्फ़ अन्ना दुरई और एम॰ जी॰ रामचंद्रन ने किया है|

निर्माण:-14-01-1969      बुधवार

मूलांक:-5      भाग्यांक:-4      आयु-अंक:-3 (48 वाँ वर्ष)       नामांक:-2       दिन-अंक:-5

विधान सभा अंक:-6

मतगणना : 19-05-2016     गुरुवार

मूलांक:-1     भाग्यांक:-6      दिन-अंक:-3      चलित अंक:-6     वर्षांक:-9

सबसे पहले तो तमिलनाडू राज्य के अंकों के संकेतों की बात करें| तमिलनाडू का मूलांक 5+दिन-अंक 5 मतगणना के मूलांक 1 के साथ मित्र युति बनाता है| यह नेतृत्व की यथास्थिति बताता है| इसका मतलब यह है कि चुनावोपरान्त राज्य का नेतृत्व बदले नहीं, अभी वाला ही रहे| यह अंक 5 मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| अतः बहुत संभव है कि यह चुनाव-परिणाम बहुत उठापटक वाले हों और साथ ही यह भी कि इस बार बनने वाला नेतृत्व यानि मुख्यमन्त्री अपना कार्यकाल निर्बाध ढंग से पूरा न कर पाए, बल्कि उस का कार्यकाल बीच में ही टूट जाए| तमिलनाडू का भाग्यांक 4 मतगणना के सभी अंकों के साथ समभाव युति बनाता है| इसलिए यह ख़ास उठापटक नहीं बताता है| इस का अर्थ यह हुआ कि अंक 5 की यथास्थिति वाली बात बलिष्ठ हो जाती है| तमिलनाडू का आयु-अंक 3 मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6+विधान सभा अंक 6 के साथ मित्र युति बनाता है| यह स्थिति अंक 6 की प्रधानता वाले पक्षों की ओर जाती है| ऐसा सर्वप्रमुख पक्ष जयललिता है| अतः यह युति जयललिता के पक्ष में जाती है| तमिलनाडू का नामांक 2 मतगणना के मूलांक 1+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| ये युतियाँ स्त्री नेतृत्व बताती हैं, साथ ही स्त्री नेतृत्व के पक्ष में निर्णय भी बताती हैं| तमिलनाडू की चलित दशाओं के अनुसार वर्ष 2021 में तमिलनाडू को नया मुख्यमन्त्री मिलेगा यानि तब मुख्यमन्त्री बदलेगा|

द्रविड़ मुन्नेत्र कजघम : 17-09-1949     शनिवार

मूलांक:-8     भाग्यांक:-4      आयु-अंक:-4  (67 वाँ)      नामांक:-3      दिन-अंक:-8

के॰ एम॰ करुणानिधि : 03-06-1924

मूलांक:-3      भाग्यांक:-7       आयु-अंक:-2  (92 वाँ)      नामांक:-3      दिन-अंक:-9

करुणानिधि के आयु-अंक 2 की मतगणना के मूलांक 1+तमिलनाडू के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+तमिलनाडू के भाग्यांक 4 के साथ प्रबल मित्र युति और तमिलनाडू के नामांक 2 के साथ प्रतिरूप युति इनके पितृ रूप के अनुकूल निर्णय होना बताती है यानि इस बार इनके मुखिया रहते इनकी पार्टी की स्थिति अच्छी रह सकती है, ख़ासकर पिछली बार की तुलना में| करुणानिधि के मूलांक 3+करुणा के नामांक 3+द्रमुक के नामांक 3 की तमिलनाडू के नामांक 2+तमिलनाडू के मूलांक 5+तमिलनाडू के दिन-अंक 5+मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ मित्र युति व तमिलनाडू के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति दलगत स्थिति में समृद्धि के पक्ष में निर्णय बताती है| अतः इस बार द्रमुक की स्थिति अच्छी रहेगी यानि सीटों की संख्या में पिछली बार की तुलना में वृद्धि होगी| द्रमुक के भाग्यांक 4+द्रमुक के आयु-अंक 4 की तमिलनाडू के भाग्यांक 4 के साथ प्रतिरूप युति और तमिलनाडू के मूलांक 5+तमिलनाडू के दिन-अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति करुणानिधि के पार्टी के ‘पितृ पुरुष’ का ओहदे का फिलहाल तो बरक़रार रहना बताती है| द्रमुक के मूलांक 8+द्रमुक के दिन-अंक 8 की मतगणना के मूलांक 1+तमिलनाडू के भाग्यांक 4 के साथ प्रबल विरोधी युति व तमिलनाडू के मूलांक 5+तमिलनाडू के दिन-अंक 5 के साथ विरोधी युति करुणानिधि के द्रमुक के ‘पितृ पुरुष’ के रूप में रहते हुए इस दल के सत्ता-प्राप्ति में बाधा बताती है| साथ ही यह युति यह भी बताती है कि द्रमुक इस विधान सभा पूरा कार्यकाल करुणानिधि के नेतृत्व में नहीं निकाल पाएगी| इस विधान सभा के दूसरे या चौथे वर्ष में या कैलेण्डर वर्ष 2017 या 2019 में करुणानिधि से द्रमुक के मुखिया का पद छूट जाएगा| करुणानिधि के लिए उम्र का 93 वाँ, 95 वाँ व 96 वाँ निर्णायक सिद्ध हो सकता है| यह अंक 8 तमिलनाडू के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ मित्र युति यह बताती है कि मतगणना का परिणाम द्रमुक के लिए सुकून व राहत वाला होगा| इस पार्टी को अभी के मुक़ाबले अधिक सीटें मिलेंगी| करुणानिधि का जन्म का दिन-अंक 9 चुनावी वर्षांक प्रतिरूप युति व तमिलनाडू के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति यह बताती है कि इस बार की चुनावी लड़ाई करुणानिधि के लिए प्रतिष्ठदायक रहेगी| इस अंक 9 की तमिलनाडू के नामांक 2+तमिलनाडू के मूलांक 5+तमिलनाडू के दिन-अंक 5+मतगणना के भाग्यांक 6+विधान सभा अंक 6 के साथ विरोधी युति यह बताती है कि पार्टी के स्तर पर करुणानिधि को कुछ झटके तो झेलने होंगे ही, साथ ही उन्हें भी स्वास्थ्य का बड़ा झटका लग सकता है, साथ ही अंक 2 की भंग-अवस्था के कारण पार्टी/परिवार में असंतोष/टूट/बग़ावत का सामना करना पड़ेगा| 

ऑल इण्डिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कजघम : 17-10-1972     मंगलवार

मूलांक:-8       भाग्यांक:-1      आयु-अंक:-8 (44 वाँ वर्ष)      नामांक:-7        दिन-अंक:-9

जे॰ जयललिता : 24-02-1948      मंगलवार

मूलांक:-6     भाग्यांक:-3      आयु-अंक:-6 7 (69 वाँ)      नामांक:-6      दिन-अंक:-9

अन्ना द्रमुक का भाग्यांक 1 की मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति व अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति नेतृत्व कि यथास्थिति बताती है| यह बात जयललिता के पक्ष में जाती है| यह अंक 1 तमिलनाडू के भाग्यांक 4 के साथ विरोधी युति बनाता है| इसका फल यह है कि बहुत संभव है इस बार बनने वाले मुख्यमन्त्री का कार्यकाल निर्बाध ढंग से पूरा नहीं पाए| उसका पद बीच मे ही छूट जाए| ऐसा इस सरकार के कार्यकाल के चौथे वर्ष और वर्ष 2020 मे हो जाए तो अचंभा नहीं होना चाहिए| जयललिता का भाग्यांक 3 तमिलनाडू के नामांक 2+तमिलनाडू के मूलांक 5+तमिलनाडू के दिन-अंक 5+मतगणना के भाग्यांक 6+विधान सभा अंक 6 के साथ मित्र युति बनाता है| ये युतियाँ अंक 6 वाली जयललिता के पक्ष में यथास्थिति बताती हैं| चूँकि जयललिता को तगड़ी ब्लड शुगर है, इसलिए यहाँ अंक 3 की अंक 6 के साथ युति अधिक प्रबलता से उनके पक्ष में जाती है| जयललिता के मूलांक 6+जयललिता के नामांक 6+जयललिता के आयु-अंक 6 की मतगणना के मूलांक 1+तमिलनाडू के भाग्यांक 4+चुनावी वर्षांक 9 के साथ विरोधी युति और तमिलनाडू के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति नेतृत्व को पितृ रूप में चुनावी झटके बताती है| इसका अर्थ यह है कि इस बार के चुनाव-परिणाम में जयललिता को अनपेक्षित झटके लग सकते हैं| इसी अंक 6 की तमिलनाडू के नामांक 2 के साथ मित्र युति व मतगणना के भाग्यांक 6+विधान सभा अंक 6 के साथ प्रतिरूप युति दलगत रूप में जयललिता के लिए अधिक अनुकूलता बताती है यानि इनका दल अच्छी स्थिति में रह सकता है| अन्ना द्रमुक के मूलांक 8+अन्ना द्रमुक का आयु-अंक 8 की मतगणना के मूलांक 1+तमिलनाडू के भाग्यांक 4 के साथ प्रबल विरोधी युति नेतृत्व कि पितृ स्थिति को झटके बताती है यानि पार्टी का मुखिया यदि दो जगह से चुनाव लड़े तो एक जगह से हार जाता है या के बड़े नेता चुनाव हार जाता है| इस अंक 8 की तमिलनाडू के मूलांक 5+तमिलनाडू के दिन-अंक 5 के साथ विरोधी युति विचलन बताती है यानि इस बार बनने वाली सरकार में बहुत जल्दी उठापटक/परिवर्तन होगा| इस अंक 8 की तमिलनाडू के नामांक 2+तमिलनाडू के आयु-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ मित्र युति चुनावी लड़ाई में दल कि अच्छी स्थिति बताती है| जया व पार्टी का दिन-अंक समान है-9| इस अंक 9 की तमिलनाडू के नामांक 2+तमिलनाडू के मूलांक 5+तमिलनाडू के दिन-अंक 5+मतगणना के भाग्यांक 6+विधान सभा अंक 6 के साथ विरोधी युति अन्ना द्रमुक की दलगत यथास्थिति में बाधक है| इसका अर्थ हुआ कि इस बार अन्ना द्रमुक को पिछली बार जैसा धाकड़ बहुमत नहीं मिल पाएगा| इसकी सीटों में पिछली बार की तुलना में कमी आएगी| इस अंक 9 की चुनावी वर्षांक 9 के साथ युति अन्ना द्रमुक के लिए चुनावी विजय का उपहार ल रही है| इसलिए यह तो तय है कि इस बार के चुनाव में अन्ना द्रमुक बाज़ी मारने जा रही है यानि इस बार तमिलनाडू में ‘म्यूज़िकल चेयर’ (बारी-बारी से दोनों द्रविड़ दल सत्ता पाते रहते थे) टूटेगी और अन्ना द्रमुक लगातार सत्ता प्राप्त करेगी| हाँ, इतना अवश्य है कि इस बार इसकी सीटों की संख्या पिछली बार की तुलना में घटेगी| इस बार मुख्यमन्त्री बनने पर जयललिता का कार्यकाल निर्बाध ढंग से पूरा होते नहीं दिख रहा है| उनका पद अधूरे कार्यकाल में छूट सकता है, कारण चाहे कुछ भी यो या चाहे वे इसी विधान सभा में फिर से मुख्यमन्त्री बन जाएँ|

अगली पोस्ट में बात करेंगे असम की| ………… जय श्री राम

Previous Older Entries

%d bloggers like this: