पाँच राज्यों के विधान सभा चुनाव : सभी गणनाएँ


जय श्री राम ……… आदरणीय मित्रो, अपनी 02 फ़रवरी की पोस्ट में हमने उत्तर प्रदेश, मणिपुर, गोवा, पंजाब व उत्तराखण्ड (निर्माण-तिथि 09-11-2000) के विधान सभा चुनाव से सम्बन्धित भविष्यवाणी प्रस्तुत की थी| इसके बाद 09 फ़रवरी की पोस्ट में उत्तराखण्ड की निर्माण-तिथि 01-01-2007 लेकर भविष्यवाणी प्रस्तुत की| उत्तराखण्ड की इन दोनों भविष्यवाणियों में परिणामगत आमूल-चूल अन्तर नहीं आया यानि पहले वाली भविष्यवाणी में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस यानि भाराकां पूर्ण बहुमत से सरकार बनाती नज़र आ रही है तो दूसरी भविष्यवाणी में सरकार कांग्रेस की ही बन रही है और वह भी पूर्ण बहुमत से| हाँ, पहली भविष्यवाणी की तुलना में दूसरी भविष्यवाणी में कांग्रेस की सीटें अवश्य कुछ कम हो गयीं|

हमारे कई मित्रों, शुभचिंतकों, नियमित पाठकों ने हमसे यह इच्छा प्रकट की कि हमारी ऐसी गणना का जो अन्तिम रूप प्रस्तुत करते हैं, वह किन-किन प्रक्रियाओं से होकर अपने अन्तिम रूप तक पहुँचती है? तो हमने यह निर्णय किया कि हम आप सभी को अपनी उस आकलन-विश्लेषण-प्रक्रिया से अवगत करवाएँ, जिससे आपको भी पता चले कि अपनी एक भविष्यवाणी के पीछे हमारी मेहनत का किस रूप में रहती है? हालांकि पूरी प्रक्रिया तो फिर भी यहाँ रख पाना सम्भव नहीं है क्योंकि वह बहुत लम्बी है|

उत्तर प्रदेश

सबसे पहले बात करते हैं देश के सबसे बड़े ‘राजनीतिक राज्य’ उत्तर प्रदेश की| हमने इस राज्य के लिए कुल छह विधियों से गणना की|

राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों सहित गणना का परिणाम

                               (1)    राष्ट्रीय लोक दल सहित               (2) राष्ट्रीय लोक दल रहित

समाजवादी पार्टी      70 सीटें (कम-अधिक 7)                    88 सीटें (कम-अधिक 9)

बहुजन समाज पार्टी   93 सीटें (कम-अधिक 9)                    95 सीटें (कम-अधिक 10)

भाजपा +           176 सीटें (कम-अधिक 18)                       176 सीटें (कम-अधिक 18)

भाराकां             34 सीटें (कम-अधिक 3)                             44 सीटें (कम-अधिक 4)

राष्ट्रीय लोक दल     09 सीटें (कम-अधिक 1)

अन्य               20 सीटें                                                       अन्य-20 सीटें (कम-अधिक 2/इस में रालोद की 09 सीटें हैं)

राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों रहित गणना का परिणाम

                                (3) राष्ट्रीय लोक दल सहित     (4)  राष्ट्रीय लोक दल रहित

समाजवादी पार्टी      86 सीटें (कम-अधिक 9)          103 सीटें (कम-अधिक 10)

बहुजन समाज पार्टी   95 सीटें (कम-अधिक 10)       90 सीटें (कम-अधिक 9)

भाजपा +           179 सीटें (कम-अधिक 18)            168 सीटें (कम-अधिक 17)

भाराकां             35 सीटें (कम-अधिक 4)                 42 सीटें (कम-अधिक 4)

राष्ट्रीय लोक दल     08 सीटें (कम-अधिक 1)

अन्य               20 सीटें                                              अन्य-20 सीटें (कम-अधिक 2/इस में रालोद की 09 सीटें हैं)

राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों सहित गणना का परिणाम

                               (5) राष्ट्रीय लोक दल सहित        (6) राष्ट्रीय लोक दल रहित

समाजवादी पार्टी      89 सीटें (कम-अधिक 9)          109 सीटें (कम-अधिक 11)

बहुजन समाज पार्टी   95 सीटें (कम-अधिक 10)       88 सीटें (कम-अधिक 9)

भाजपा +           178 सीटें (कम-अधिक 18)            167 सीटें (कम-अधिक 17)

भाराकां             32 सीटें (कम-अधिक 4)                39 सीटें (कम-अधिक 4)

राष्ट्रीय लोक दल     09 सीटें (कम-अधिक 1)

अन्य               20 सीटें                                            अन्य-20 सीटें (कम-अधिक 2/इस में रालोद की 09 सीटें हैं)

हमने इन में से छठी गणना को अन्तिम रूप से चयनित किया| अब 11 मार्च को पता चलेगा कि इन में से हमारी कौनसी गणना सही साबित होती है?

पंजाब

अब बात करते हैं पंजाब की| इस राज्य के लिए हमने तीन विधियों से गणना की|

              (1)राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों       (2)राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों         (3)राष्ट्रीय पार्टियों के

                    के प्रदेशाध्यक्षों सहित                     के प्रदेशाध्यक्षों रहित                      प्रदेशाध्यक्षों सहित

शिअद       21 सीटें (कम-अधिक 2)               21 सीटें (कम-अधिक 2 )            20 सीटें (कम-अधिक 2)

भाजपा      06 सीटें (कम-अधिक 1)               6 सीटें (कम-अधिक 1)              6 सीटें (कम-अधिक 1)

भाराकां      53 सीटें (कम-अधिक 5)              49 सीटें (कम-अधिक 5)            49 सीटें (कम-अधिक 5)

आआपा     37 सीटें (कम-अधिक 4)               41 सीटें (कम-अधिक 4)            42 सीटें (कम-अधिक 4)

अन्य-06 सीटें (कम-अधिक 1)                      06 सीटें (कम-अधिक 1)            06 सीटें (कम-अधिक 1)

उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड राज्य की भविष्यवाणी हमने पहले भाग में दो विधियों से आकलन-विश्लेषण कर की थी| यहाँ हमने इस राज्य के जन्म से गणना की थी| तब इसका नाम ‘उत्तराँचल’ नाम काम में लिया था| इस में दो तरह से गणना की थी|

                     (1)    राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों सहित      (2) राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों रहित   

भाराकां                41 सीटें (कम-अधिक 4)                         50 सीटें (कम-अधिक 5)

भाजपा                29 सीटें (कम-अधिक 3)                         20 सीटें (कम-अधिक 2)

अन्य                    04 सीटें                                                                   4 सीटें

इन में से हमने पहले वाली गणना को अन्तिम रूप से चयनित किया|

उत्तराखण्ड राज्य को लेकर दूसरी गणना हमने इस राज्य का नाम ‘उत्तराँचल’ से ‘उत्तराखण्ड’ किए जाने की दिनांक से की| इस में हमने एक ही विधि से गणना की|

(1)    राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेशाध्यक्षों सहित         

भाराकां 38 सीटें (कम-अधिक 4)

भाजपा 32 सीटें (कम-अधिक 3)

अन्य  04 सीटें

गोवा

इस राज्य की भविष्यवाणी तैयार करने में हमने दो विधियाँ काम में लीं|

                   (1)    राष्ट्रीय पार्टियों के                (2) राष्ट्रीय पार्टियों के

                       प्रदेशाध्यक्षों सहित                    प्रदेशाध्यक्ष रहित      

भाजपा+        07 सीटें (कम-अधिक 1)               07 सीटें (कम-अधिक 1)

भाराकां         14 सीटें (कम-अधिक 1)               15 सीटें (कम-अधिक 2)

आआपा        12 सीटें (कम-अधिक 1)                12 सीटें (कम-अधिक 1)

मगोपा           05 सीटें (कम-अधिक 1)                05 सीटें (कम-अधिक 1)

शिसे              01 सीट                                         01 सीट

गोसुमं            01 सीट                                        01 सीट

अन्य              02 सीटें                                        02 सीटें

मणिपुर

इस राज्य की हमने तीन विधियों से गणना की|

                      (1)राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों       (2)राष्ट्रीय व प्रादेशिक पार्टियों     (3)राष्ट्रीय पार्टियों के

                          के प्रदेशाध्यक्षों सहित                     के प्रदेशाध्यक्षों रहित                     प्रदेशाध्यक्षों सहित

तृमूकां             12 सीटें (कम-अधिक 1)               14 सीटें (कम-अधिक 1 )           20 सीटें (कम-अधिक 2)

भाजपा            20 सीटें (कम-अधिक 2)             16 सीटें (कम-अधिक 2)           6 सीटें (कम-अधिक 1)

भाराकां           25 सीटें (कम-अधिक 3)              27 सीटें (कम-अधिक 3)           49 सीटें (कम-अधिक 5)

नपीफ्र             03 सीटें                                        03 सीटें                                      42 सीटें (कम-अधिक 4)

अन्य-             03 सीटें                                        03 सीटें                                       03 सीटें

इस प्रकार हमने अपनी भविष्यवाणी की आधार-गणनाएँ आपके सम्मुख रख दी हैं| इसके पीछे हमारा उद्देश्य यही है कि आप इन भविष्यवाणियों की विधि व इस में हमारी मेहनत से भी परिचित हो जाएँ| अब 11 मार्च को आने वाले मतगणना के परिणामों को अंक ज्योतिष के विद्यार्थी होने के नाते भविष्य की गणनाओं में काम लेंगे| ……… जय श्री राम

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केरल विधान सभा चुनाव : इस बार ‘एल डी एफ’


keralaजय श्री राम ………… आदरणीय मित्रो, विधान सभा चुनावों की चर्चा के इस क्रम में अब बात करते हैं सुदूर दक्षिणी राज्य ‘केरल’ की| इस राज्य में ‘म्यूज़िकल चेयर’ का खेल रहा करता है यानि काँग्रेसनीत मोर्चा व वाम मोर्चा बारी-बारी से सत्तासीन होते हैं| तो क्या इस बार भी ऐसा ही होगा या फिर तमिलनाडू और पश्चिम बंगाल की तरह यहाँ भी वर्तमान सत्तासीन समूह फिर से सत्ता में आएगा?

केरल : 01-11-1956    गुरुवार

मूलांक:-1     भाग्यांक:-6     आयु-अंक:-6 (60 वाँ)      नामांक;-5       दिन-अंक:-3

चलित दशा:-अंक 6 (वर्ष 2014 से वर्ष 2019 तक)

मतगणना : 19-05-2016     गुरुवार

मूलांक:-1     भाग्यांक:-6     दिन-अंक:-3      चलित अंक:-6      वर्षांक:-9

विधान सभा अंक:-5 (14 वीं)

सबसे पहले तो यह देखते हैं कि स्वयं केरल राज्य के अंक क्या कहते हैं? केरल का मूलांक 1 मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह युति नेतृत्व के पक्ष में जाती है| यही अंक 1 विधान सभा अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यह युति नेतृत्व सम्बन्धी अस्थिरता या डावांडोल स्थिति बताती है| केरल का भाग्यांक 6+केरल का आयु-अंक 6 मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ प्रतिरूप युति अंक 1 की पीछे वर्णित युतियों के साथ यह बताती है कि इस बार नेतृत्व के मामले में अंक 6 का भ्रष्ट रूप महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा यानि धन सम्बन्धी भ्रष्टाचार व सैक्स स्कैंडल इस बार के चुनावी समर में निर्णायक भूमिका निभाएगा| यह अंक 6 मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति व चुनावी वर्षांक 9 के साथ विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ बताती हैं कि इस बार की चुनावी लड़ाई का निर्णय केरल के लिए सुगम, सहज व सरल नहीं रहेगा| यह उठापटक भरा व परिवर्तन वाला रहेगा| इसका अर्थ यह हुआ कि इस बार सरकार बदल सकती है| इसी प्रकार केरल के नामांक 5 की मतगणना के दिन-अंक 3 व चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विरोधी युति यह बताती है कि इस बार की मतगणना के परिणाम बहुत उठापटक वाले व बड़े बदलाव वाले होंगे| यह बात वर्तमान नेतृत्व के विरुद्ध जाती हैं| इसका अर्थ यह हुआ कि इस बार नयी सरकार व नया नेतृत्व देखने को मिल सकता है| केरल का दिन-अंक 3 मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6+विधान सभा अंक 5 के साथ मित्र युति व मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| अंक 3 निर्णय व नवीनता का है| अंक 3 की ये युतियाँ बताती हैं कि इस बार मतगणना का निर्णय नवीन नेतृत्व के पक्ष में जा सकता है| केरल राज्य को अभी अंक 6 की दशा चल रही है| यह वर्ष 2019 तक चलेगी| यह इस राज्य के भाग्यांक की दशा है| पिछली बार यह दशा वर्ष 2005 में लगी थी| तब इसने मुख्यमन्त्री बदला था| इस बार यह दशा फिर मुख्यमन्त्री बदलेगी| या परिवर्तन अभी तो होगा ही, इस के बाद एक बार और हो सकता है| केरल मूलांक 1 के प्रबल विरोधी अंक 8 व भाग्यांक के विरोशी अंक 9 के वर्ष 62 वें व 63 वें वर्ष में फिर मुख्यमन्त्री बदल सकता है| यह मुख्यमन्त्री-परिवर्तन दुर्घटना/मृत्यु/असंतोष/बग़ावत के कारण होगा| उक्त अंकीय युतियाँ यह बताती हैं कि इस बार की चुनावी लड़ाई केरल में नया नेतृत्व व नयी सरकार लाने जा रही है| यह नयी सरकार किस पार्टी या गठबंधन की होगी, यह आगे के विश्लेषण में देखेंगे|

ओमन चांडी : 31-10-1943 : रविवार

मूलांक:-4      भाग्यांक:-4      आयु-अंक:-1 (73 वाँ)      नामांक;-6        दिन-अंक:-1, 4

इस क्रम में सबसे पहले बात करते हैं केरल के मौजूदा मुख्यमन्त्री ओमन चांडी की| क्या इनके अंक यह बताते हैं कि ये मुख्यमन्त्री के रूप में लगातार रहेंगे? चांडी के आयु-अंक 1+चांडी के दिन-अंक 1 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 1+चांडी का मूलांक 4+चांडी का भाग्यांक 4+चांडी का दिन-अंक 4 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| अंक 1 की प्रतिरूप युति व अंक 5 के साथ युति नेतृत्व अनिश्चित स्थिति बताती है| इसी प्रकार चांडी का मूलांक 4+चांडी का भाग्यांक 4+चांडी का दिन-अंक 4 की अंक 5 के साथ युति इस अनिश्चितता वाली बात को पितृ दोष से जोड़ देती है| यह समीकरण चांडी के फिर से मुख्यमन्त्री बनने के विरुद्ध जाता है| चांडी का नामांक 6 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह चांडी के विरुद्ध जाती है| यह अंक 6 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति व चुनावी वर्षांक 9 के साथ विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ चुनावी लड़ाई में विपरीत निर्णय बताती हैं| इसका अर्थ यह हुआ कि इस बार के चुनाव-परिणाम चांडी के विरुद्ध जाएँगे| केरल की अंक 6 की दशा ने पिछली बार चांडी के पद की बलि ले ली थी, इस बार भी ऐसा ही होगा| चांडी ने 18-05-2011 को मुख्यमन्त्री के रूप में शपथ ली थी| इसके मूलांक व भाग्यांक 9 की इस बार प्रबल विपरीतता है| इस कारण चांडी को मुख्यमन्त्री पद से विदा होना पड़ेगा| इनके समय की विपरीतता तो इतनी अधिक है कि यदि इनका गठबंधन फिर से सत्ता में आ भी जाता तो इन्हें मुख्यमन्त्री पद नहीं मिलता|

भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस : 02-01-1978      सोमवार

मूलांक:-2       भाग्यांक:-1       आयु-अंक:-3 (39 वाँ)      नामांक;-3       दिन-अंक:-2, 7

सोनिया गांधी : 09-12-1946     सोमवार

मूलांक:-4      भाग्यांक:-4      आयु-अंक:-1 (73 वाँ)      नामांक;-9        दिन-अंक:-2, 7

वी॰ एम॰ सुधीरन : 26-05-1948     : बुधवार

मूलांक:-8      भाग्यांक:-8      आयु-अंक:-5 (68 वाँ)      नामांक;-1      दिन-अंक:-5

काँग्रेस का भाग्यांक 1+सुधीरन का नामांक 1 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 1 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| अंक 1 की प्रतिरूप युति व अंक 5 के साथ युति नेतृत्व सम्बन्धी अनिश्चित स्थिति बताती है| काँग्रेस का मूलांक 2+काँग्रेस का दिन-अंक 2+सोनिया का दिन-अंक 2+सोनिया का आयु-अंक 7+सोनिया का दिन-अंक 7+काँग्रेस का दिन-अंक 7 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1+केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| इस का अर्थ यह है कि मतगणना के परिणाम काँग्रेस के बहुत अधिक विपरीत नहीं रहेंगे| ये युतियाँ काँग्रेस की अच्छी स्थिति बताते हैं| इस बात को काँग्रेस के नामांक 3+काँग्रेस के आयु-अंक 3 की केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति व केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5+केरल के भाग्यांक 6+केरल के आयु-अंक 6+मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ मित्र युति पुष्ट करती है| अब तक की युतियाँ तो काँग्रेस के लिए अनुकूलता बता रही हैं| सोनिया का भाग्यांक 5+सुधीरन का आयु-अंक 5+सुधीरन का दिन-अंक 5 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ मित्र युति बनाता है| यह अंक 5 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| ये युतियाँ नेतृत्वगत अस्थिरता या डावांडोल स्थिति बताती हैं| यह बात काँग्रेस के सर्वथा विपरीत जाती हैं| इस अंक 5 की केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विपरीत युति चुनावी लड़ाई में निर्णयगत विपरीतता बताती है| इसका अर्थ यह हुआ कि इस बार की चुनावी लड़ाई का परिणाम काँग्रेस के पक्ष में ‘नेतृत्वकारी रूप में’ नहीं होगा यानि कि यह पार्टी इस बार सत्ता पर काबिज़ नहीं हो पाएगी| सुधीरन का मूलांक 8+सुधीरन का भाग्यांक 8 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह पितृ द्रोह युति है, जो कि नेतृत्व के विरुद्ध जाती है| यह अंक 8 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ मित्र युति बनाता है, जो कि निर्णय सम्बन्धी उठापटक व परिवर्तन बताती है| यह अंक 8 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ विरोधी युति बनाता है, जो कि विचलन व परिवर्तन बताती है| सोनिया का मूलांक 9+सोनिया का नामांक 9 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति व चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| ये युतियाँ चुनावी लड़ाई में अनुकूलता बताती हैं| इसका अर्थ यह हुआ कि इस चुनावी लड़ाई में काँग्रेस की स्थिति कोई बहुत बुरी नहीं रहेगी| इसे अच्छी संख्या में सीटें मिल सकती हैं| यह अंक 9 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 व केरल के भाग्यांक 6+मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6+केरल के आयु-अंक 6 के साथ विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ चुनावी लड़ाई मे उठापटक सम्बन्धी विपरीतता बताती हैं| इस अंकीय विश्लेषण से स्पष्ट है कि केरल में इस बार काँग्रेस को सत्ता से बाहर होना पड़ेगा| हाइन, उसे तसल्ली इस बात की हो सकती है कि उसका हाल लोक सभा जितना ‘बहुत बुरा’ नहीं होगा| उसे सम्मानजनक संख्या में सीटें मिल सकती हैं| 

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इण्डिया : 26-12-1925    शनिवार

मूलांक:-8      भाग्यांक:-1     आयु-अंक:-1 (91 वाँ)      नामांक;-8      दिन-अंक:-8

सुरावरम सुधाकर रेड्डी : 25-03-1942       बुधवार

मूलांक:-7       भाग्यांक:-8      आयु-अंक:-3  (75 वाँ)      नामांक;-3       दिन-अंक:-5

कनम राजेन्द्रन : 10-11-1950     शुक्रवार

मूलांक:-1       भाग्यांक:-9       आयु-अंक:-3 (66 वाँ)      नामांक;-3       दिन-अंक:-6

सीपीआई का भाग्यांक 1+सीपीआई का आयु-अंक 1+कनम का मूलांक 1 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 1 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| अंक 1 की प्रतिरूप युति व अंक 5 के साथ युति नेतृत्व सम्बन्धी डावांडोल स्थिति बताती है| रेड्डी का आयु-अंक 3+रेड्डी का नामांक 3+कनम का आयु-अंक 3+कनम का नामांक 3 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति व केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5+केरल के भाग्यांक 6+केरल के आयु-अंक 6+मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ मित्र युति पुष्ट करती है| अंक 3 की प्रतिरूप युति निर्णय संबंधी अनुकूलता स्थिर करती है, तो अंक 3 की अंक 5 के साथ युति निर्णयगत अस्थिरता व अंक 3 की अंक 6 के साथ युति इस अवस्था का सुख-भंग बताता है| अतः यह कहा जा सकता है कि सीपीआई के लिए इस बार के चुनाव-परिणाम सुखद रहने वाले हैं| हाँ, कुछ महत्त्वपूर्ण अंकीय समीकरणों के विपरीत बैठने के कारण इसे ‘धांसू लाभकारी स्थिति’ नहीं रहेगी| रेड्डी का दिन-अंक केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ मित्र युति बनाता है| यह अंक 5 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| ये युतियाँ नेतृत्वगत अस्थिरता या डावांडोल स्थिति बताती हैं| यह बात सीपीआई को सत्ता का मुखिया नहीं बनने देंगी| इस अंक 5 की केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रबल विपरीत युति भी यही बताती है कि सीपीआई के लिए इस बार चुनाव-परिणाम बहुत बड़ी उछल वाले नहीं रहेंगे| सीपीआई का मूलांक 8+रेड्डी का भाग्यांक 8+सीपीआई का नामांक 8+सीपीआई का दिन-अंक 8 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह पितृ द्रोह युति है, जो कि नेतृत्व के विरुद्ध जाती है| यह अंक 8 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ मित्र युति बनाता है, जो कि निर्णय सम्बन्धी उठापटक व परिवर्तन बताती है| यह अंक 8 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ उठापटक से लाभ बताती हैं| कनम का भाग्यांक 9 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति व चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| ये युतियाँ चुनावी लड़ाई उठापटक के पक्ष रहना व अनुकूलता रहना बताती हैं| रेड्डी का मूलांक 7 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1+केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यह युति ‘गठबंधन में रहने से लाभ’ बताती है| अतः सीपीआई को वाम मोर्चे मे रहने का लाभ तो मिलेगा| कनम का दिन-अंक 6 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह सीपीआई के विरुद्ध जाती है| यह अंक 6 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति व चुनावी वर्षांक 9 के साथ विरोधी युति बनाता है| इस कारण सीपीआई केरल की सत्ता की मुखिया नहीं बन पाएगी| उक्त अंकीय विश्लेषण यह बताता है कि इस बार सीपीआई को सत्ता सुख मिल सकता है| यह तभी संभव है, जबकि वाम मोर्चा सत्ता मे आए| अतः यह कहा जा सकता है कि इस बार वाम मोर्चा सत्ता पाने जा रहा है|

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी : 07-11-1964     शनिवार

मूलांक:-7      भाग्यांक:-2        आयु-अंक:-7 (52 वाँ)      नामांक;-1        दिन-अंक:-8

सीताराम येचुरी : 12-08-1952      मंगलवार

मूलांक:-1       भाग्यांक:-9       आयु-अंक:-3 (66 वाँ)      नामांक;-3       दिन-अंक:-6

कोडिएरी बालकृष्णन (बाला) : 16-11-1953       सोमवार

मूलांक:-1       भाग्यांक:-9       आयु-अंक:-3 (66 वाँ)      नामांक;-3       दिन-अंक:-6

येचुरी का भाग्यांक 1+सीपीएम का नामांक 1 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| यह अंक 1 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| अंक 1 की प्रतिरूप युति व अंक 5 के साथ युति नेतृत्व सम्बन्धी अनिश्चित स्थिति बताती है| सीपीएम का भाग्यांक 2+बाला का दिन-अंक 2+बाला का मूलांक 7+बाला का दिन-अंक 7+सीपीएम का मूलांक 7+सीपीएम का आयु-अंक 7 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1+केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| ये युतियाँ गठबंधन से व गठबंधन को लाभ बताती हैं| ये युतियाँ काँग्रेस की अच्छी स्थिति बताती  हैं| इस का अर्थ यह है कि मतगणना के परिणाम सीपीएम के बहुत अनुकूल रहेंगे व इस का दिल ख़ुश कर देंगे| येचुरी का नामांक 3+येचुरी का मूलांक 3 की केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति व केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5+केरल के भाग्यांक 6+केरल के आयु-अंक 6+मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ मित्र युति सीपीएम की इसी लाभ में रहने वाली स्थिति को पक्की करती है| कनम का भाग्यांक 9 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति व चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| ये युतियाँ चुनावी लड़ाई उठापटक के पक्ष रहना व अनुकूलता रहना बताती हैं| इसका अर्थ यह हुआ कि इस बार की चुनावी लड़ाई का परिणाम सीपीएम के अनुकूल रह सकता है| सीपीएम का दिन-अंक 8 केरल के मूलांक 1+मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह पितृ द्रोह युति है, जो कि नेतृत्व के विरुद्ध जाती है| यह अंक 8 केरल के दिन-अंक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ मित्र युति बनाता है, जो कि निर्णय सम्बन्धी उठापटक व परिवर्तन बताती है| यह अंक 8 केरल के नामांक 5+विधान सभा अंक 5 के साथ विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ उठापटक से लाभ बताती हैं| अंक 8 की उक्त युतियों के संयुक्त विश्लेषण का फल यह है कि इस बार मतगणना के परिणाम उठापटक व परिवर्तन वाले रहेंगे तथा यह परिवर्तन सीपीएम के पक्ष में जाएगा| यह उठापटक एक और रूप में भी होगी| सीपीएम में इस बार नेतृत्व के लिए दलगत परिवर्तन व उठापटक हो सकती है| इसका अर्थ यह हुआ कि इस बार मुख्यमन्त्री के नाम को लेकर बड़ी खींचातानी संभव है| यह भी संभव है कि वी॰ एस॰ अच्युतानन्दन को मुख्यमन्त्री न बनाया जाए| वैसे इस अंकीय विश्लेषण को केरल के अंकीय विश्लेषण के साथ जोड़ कर देखा जाए तो ये दो निष्कर्ष प्रमुखता से मिलते हैं कि (1) अच्युतानन्दन को ही मुख्यमन्त्री बनाया जाए और (2) जो कोई भी मुख्यमन्त्री बने, केरल के 62 वें व 63 वें वर्ष यानि कि 01-11-2017 से 31-10-2019 के बीच मुख्यमन्त्री बदलना है|        

हमने उक्त गणनाओं में भारतीय जनता पार्टी का अंकीय विश्लेषण प्रस्तुत नहीं किया है| इसका कारण यह है कि भाजपा के अंकीय विश्लेषण में वह ‘गौण अवस्था’ में मिला| भाजपा यहाँ दहाई में भी सीटें पा लें तो ‘चमत्कार’ माना जाना चाहिए| यहाँ भाजपा को 2 से 5 सीटें मिल जाना भी अत्यंत सुखद होगा|

मित्रो, इसी के साथ ही विधान सभा चुनावों की इस चर्चा को अब यहीं विराम देंगे| वर्ष 2011 में तो हमने इन चारों राज्यों के साथ पुड्डुचेरी के बारे में भी भविष्यवाणी कि थी, मगर इस बार समयाभाव के कारण ऐसा नहीं कर रहे हैं| इन भविष्यवाणियों के रूप में हमने तो पूरी ईमानदारी से अपने ज्योतिषीय कर्त्तव्य का निर्वहन किया है| अब आगे हमारी ‘कृपात्रयी’ (परम पूज्य गुरुदेव देवरहा बाबा, माँ बगलामुखी और घोटेवाले) जानें| अब प्रतीक्षा करते हैं चुनाव-परिणाम की| उसके बाद फिर यहीं उस बारे में बात करेंगे तब तक के लिए ……… ‘आज के आनंद की जय’| ………… जय श्री राम

असम विधान सभा चुनाव : ‘ऐतिहासिक परिवर्तन’ की ओर


assam.jpg जय श्री राम ………… आदरणीय मित्रो, अब बात करते हैं पूर्वोत्तर के सबसे महत्त्वपूर्ण राज्य असम की| यहाँ इस बार फिर तरुण गोगोई का जादू चलेगा या भाजपा का गठबंधन सत्ता पर कब्ज़ा जमाने में कामयाब हो पाएगा?

निर्माण=15-08-1947

मूलांक:-6   भाग्यांक:-8     आयु-अंक:-6 (69 वाँ वर्ष)   नामांक:-1     दिन-अंक:-6

विधान सभा अंक:-5 (14 वीं)

मतगणना : 19-05-2016     गुरुवार

मूलांक:-1     भाग्यांक:-6      दिन-अंक:-3      चलित अंक:-6     वर्षांक:-9

असम राज्य के निर्माण का मूलांक 6+दिन-अंक 6+ असम का आयु-अंक 6 मतगणना के मूलांक 1 के साथ विरोधी युति बनाता है| यह युति से नेतृत्व के विरुद्ध जाती है| यह बात गोगोई के लिए बुरी है| यह अंक 6 मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| अंक 3 निर्णय का है| यही अंक 6 चुनावी वर्षांक 9 के साथ भी अंक 1 ही की भाँति विरोधी युति बनाता है| अंक 9 चुनावी लड़ाई में विजय का है| यह युति चुनावी लड़ाई में विपरीतता बताती है| असम राज्य के निर्माण का भाग्यांक 8 मतगणना के मूलांक 1 के साथ पितृद्रोह युति बनाता है| यह नेतृत्व के विरुद्ध जाती है| यह अंक 8 मतगणना के दिन-अंक 3 व चुनावी वर्षांक के साथ मित्रा युति में है| अंक 9 के साथ इसकी युति उठापटकभरी है और अंक 3 के साथ निर्णय की| इसका फल यह है कि इस बार की चुनावी लड़ाई का परिणाम वर्तमान नेतृत्व यानि तरुण गोगोई के लिए तसल्ली देने वाला हो सकता है| इसका अर्थ यह है कि चुनाव-परिणाम उनके लिए अत्यंत अपमान वाले न होकर कुछ राहत भरे हो सकते हैं; जैसे कि गोगोई को ही कॉंग्रेस विधान दल का नेता चुन लिया जाए| असम का नामांक 3 मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति व मतगणना के भाग्यांक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ मित्र युति बनाता है| यह भी गोगोई के लिए राहतभरी हो सकती है| विधान सभा अंक 5 अंक 1 के साथ मित्र युति मे है| यह बात भी गोगोई के लिए सुकून वाली है| विधान सभा अंक 5 मतगणना के दिन-अंक 3+चुनावी वर्ष के अंक 9 के प्रबल विरुद्ध है| पिछली बार वर्ष 2001 में जब सरकार बदली थी तो असम का आयु-अंक 9 व चुनावी वर्षांक 3 आपस में प्रबल मित्र थे| इस बार असम का आयु-अंक 6 व चुनावी वर्षांक 9 मे परस्पर प्रबल विरोधी युति बन रही है| उक्त सभी युतियों का समवेत फल यह है कि इस बार की चुनावी लड़ाई में निर्णय वर्तमान के काँग्रेसनीत तरुण गोगोई नेतृत्व के विरुद्ध जाता दिख रहा है| इन्हें पदत्याग करना पड़ेगा|

तरुण गोगोई : 11-10-1934   गुरुवार    

मूलांक:-2     भाग्यांक:-2      आयु-अंक:-1 (82 वाँ)      नामांक:-3      दिन-अंक:-3

अब चर्चा कर लेते हैं वर्तमान मुख्यमन्त्री तरुण गोगोई की| इनके पुनः पद-प्राप्ति का योग है क्या? व्यक्तिगत रूप में नहीं तो क्या दलगत रूप में सत्ता-प्राप्ति योग है? गोगोई का मूलांक 2+भाग्यांक 2 मतगणना के मूलांक 1 व असम के नामांक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र-युति बनाता है| ये बताती हैं कि दल या पार्टी के स्तर पर निर्णय इनके पक्ष में रह सकता है यानि ये चुनाव के बाद दल के विधान मण्डल मुखिया बनाए जा सकते हैं| इनका आयु-अंक 1 असम के भाग्यांक 8 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| अतः ये इस बार असम के भाग्य में नेतृत्वकारी भूमिका नहीं निभा पाएँगे| यह अंक 1 विधान सभा अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| इस कारण ये इस विधान सभा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे| इनका नामांक 3+दिन-अंक 3 असम के नामांक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति तथा असम के मूलांक 6+असम के आयु-अंक 6+मतगणना के भाग्यांक 6+असम के दिन-अंक 6+मतगणना के चलित अंक 6+असम के भाग्यांक 8+विधान सभा अंक 5 के साथ मित्र युति बनाता है| ये युतियाँ यह बताती हैं कि इस बार की विधान सभा मे गोगोई की स्थिति बुरी नहीं रहेगी| इन्हें मंत्री जैसा दर्जा/पद मिल सकता है| विषाण सभा का नेता न बन पाने के बाद भी ये बहुत महत्त्वपूर्ण पद पर रहेंगे; न सिर्फ़ विधान सभा मे, बल्कि पार्टी में भी| गोगोई ने पिछली बार मुख्यमन्त्री पद की शपथ 18-05-2011 को ली थी| तब आयु-अंक 5 (77 वाँ वर्ष) था| इसका मूलांक 9 पितृ द्रोह तथा भाग्यांक का वृहद अंक 9 दो परस्पर विरोधी स्त्री अंकों (2, 7) की युति में है| पितृ द्रोह की यह युति इनके लिए ‘मुखिया पद’ पाने मे बाधक है, वहीं अंक 2 व अंक 7 की पारस्परिक युति पार्टी और गठबंधन के कमजोर या सत्ता-प्राप्ति में पर्याप्त रूप से शक्तिसंपन्न न बन पाना बताती है| यह अंक 9 असम के मूलांक 6+असम के आयु-अंक 6+मतगणना के भाग्यांक 6+असम के दिन-अंक 6+मतगणना के चलित अंक 6+विधान सभा अंक 5 के साथ विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ चुनावी लड़ाई में पुनः सत्तासीन होने मे प्रबल बाधक हैं| असम के नामांक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति व चुनावी वर्षांक 9 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| ये युतियाँ यह बताती हैं कि मतगणना का परिणाम गोगोई के लिए बहुत कुछ अच्छा भी ला रहा है| यह परिणाम इनके लिए प्रतिष्ठादायी अवश्य रहेंगे| इसलिए यह संभव है कि इन्हें काँग्रेस विधान दल का मुखिया चुन लिया जाए और नेता प्रतिपक्ष के रूप मे इन्हें कैबिनेट मन्त्री की समस्त सुविधाएँ मिल जाएँ| ‘मुख्यमन्त्री’ के रूप में न सही, किन्तु इस रूप में इनका ‘राजयोग’ बना रह सकता है|

भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस : 02-01-1978    सोमवार  

मूलांक:-2      भाग्यांक:-1      आयु-अंक:-3 (39 वाँ)      नामांक:-3       दिन-अंक:-2, 7

सोनिया गांधी : 09-12-1946    सोमवार

मूलांक:-9    भाग्यांक:-5     आयु-अंक:-7 (70 वाँ)      नामांक:-9     दिन-अंक:-2, 7

अंजन दत्ता : 13-04-1952    रविवार  

मूलांक:-4    भाग्यांक-7    आयु-अंक:-2 (65 वाँ)   नामांक:-5    दिन-अंक:-1, 4

काँग्रेस का भाग्यांक 1+प्रदेशाध्यक्ष अंजन दत्ता का दिन-अंक 1 व अंजन दत्ता का मूलांक 4+दत्ता का दिन-अंक 4 असम के भाग्यांक 8 के साथ प्रबल पितृ द्रोह व पितृ दोष युति बनाता है| यह युति नेतृत्व के विरुद्ध जाती है| अंक 1 व अंक 4 की विधान सभा अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनती है, जो कि इस बार कि विधान सभा में इस पार्टी की अच्छी स्थिति बताती है| कॉंग्रेस का मूलांक 2+काँग्रेस का दिन-अंक 2+सोनिया का दिन-अंक 2+अंजन दत्ता का आयु-अंक 2 असम के नामांक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 व मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यह युति गठबंधन की राजनीति से फ़ायदा व वर्तमान नेतृत्व यानि गोगोई का ‘काँग्रेस विधान दल का नेता होना’ बरक़रार रहना बताती है| काँग्रेस का आयु-अंक 3+काँग्रेस का नामांक 3 विधान सभा अंक 5 व असम के मूलांक 6+असम के आयु-अंक 6+मतगणना का भाग्यांक 6+असम के दिन-अंक 6+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ मित्र युति बनाता है| ये युतियाँ बताती हैं कि काँग्रेस की स्थिति ‘बहुत बुरी’ नहीं रहेगी| सोनिया का भाग्यांक 5+दत्ता का नामांक 5 असम के भाग्यांक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 व मतगणना के वर्षांक 9 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह चुनावी लड़ाई में निर्णयगत विपरीतता बताती है|

ऑल इण्डिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट : 02-02-2009      सोमवार

मूलांक:-2    भाग्यांक:-6     आयु-अंक:-8      नामांक:-5      दिन-अंक:-2, 7

बदरुद्दीन अजमल : 12-02-1950     रविवार

मूलांक:-3     भाग्यांक:-2    आयु-अंक:-4  (67 वाँ)      नामांक:-3     दिन-अंक:-1,4

अजमल का मूलांक 3+अजमल का नामांक 3 विधान सभा अंक 5 व असम के मूलांक 6+असम के आयु-अंक 6+मतगणना के भाग्यांक 6+असम के दिन-अंक+मतगणना के चलित अंक 6 के साथ मित्र युति व असम के नामांक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| ये युतियाँ बताती है कि फ्रंट की स्थिति इस बार अच्छी रहने वाली है| अजमल का आयु-अंक 4+अजमल का दिन-अंक 4 असम के भाग्यांक 8 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| अतः इस बार के चुनाव बाद यह फ्रंट असम के भाग्य में अहम भूमिका निभा नहीं पाएगा| फ्रंट का भाग्यांक 6 असम के नामांक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति व मतगणना के चुनावी वर्षांक 9 के साथ विरोधी युति बनाता है| फ्रंट का नामांक 5 असम के नामांक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 व मतगणना के वर्षांक 9 के साथ प्रबल विरोधी बनाता है| ये युतियाँ बताती हैं कि इस बार की चुनावी लड़ाई में फ्रंट के पक्ष में निर्णय करती नहीं दिख रही है| फ्रंट का आयु-अंक 8 मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रबल विरोधी युति व विधान सभा अंक 5 के साथ विरोधी युति बनाता है| ये युतियाँ बताती हैं कि इस बार की विधान सभा में यह फ्रंट ‘नेतृत्वकारी स्थिति’ मे नहीं आ पाएगा यानि यह सत्ता में भागीदार नहीं हो पाएगा यानि इसका गठबंधन सत्ता नहीं पा सकेगा|

असम गण परिषद : 14-10-1985   सोमवार

मूलांक:-5       भाग्यांक:-5     आयु-अंक:-4 (31 वाँ)    नामांक:-5    दिन-अंक:-2, 7

अतुल बोरा : नामांक:-14+12=26=8

असम गण परिषद का मूलांक 5+भाग्यांक 5+नामांक 5+चलित दशा अंक 5 असम के नामांक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह युति निर्णयगत अस्थिरता बताती है| मतगणना के वर्षांक 9 के साथ यह अंक 5 प्रबल विरोधी युति बनाता है| मतगणना के मूलांक 1 के साथ यह अंक 5 मित्र युति बनाता है| विधान सभा अंक 5 के साथ यह प्रतिरूप युति बनाता है| यह अगप के लिए शुभ है| अगप का आयु-अंक 4 विधान सभा अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| अतः इस बार कि विधान सभा मे अगप अच्छी स्थिति में रहेगी| असम के भाग्यांक 8 के साथ इस अंक 4 की प्रबल विरोधी युति के कारण इस बार यह पार्टी असम के भाग्य में बहुत बड़ी भूमिका में नहीं होगी यानि सरकार की मुखिया नहीं हो पाएगी| इस पार्टी की स्थापना के दिन-अंक 2 व 7 असम के नामांक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| यह युति गठबंधन में अनुकूलता बताती है| अतः इस बार का गठबंधन का निर्णय इस दल के लिए सही सिद्ध होगा| इस कारण मतगणना के दिन परिणाम इस पार्टी के लिए सुखद होगा| इस पार्टी के हालिया मुखिया अतुल बोरा का जन्म-विवरण हमें उपलब्ध नहीं हो पाया| इस कारण हमने मात्र उनका नामांक ही काम लिया है| यह अंक 8 मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है, जो कि नेतृत्व के विरुद्ध जाती है| विधान सभा अंक 5 के साथ भी यह विरोधी युति बनाता है| यह युति अस्थिरता बताती है| अतः इस बार विधान सभा मे अगप बहुत अधिक सुखद अवस्था मे नहीं दिख रही है| इसके जीते कुछ लोग बाद में भाजपा या किसी अन्य दल मे शामिल हो सकते हैं| बोरा का यह नामांक 8 असम के नामांक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ मित्र युति बनाता है| अंक 3 निर्णय का है| अतः इस बार की चुनावी लड़ाई का निर्णय अगप के पक्ष मे जा सकता है| अतः कुल मिला कर यह कहा जा सकता है कि इस बार असम गण परिषद के लिए चुनाव-परिणाम अनुकूल रहने जा रहे हैं| यह पार्टी पिछली बार की तुलना मे अच्छी संख्या में सीटें प्रपट कर सकती है| यह सत्ता में भागीदारी भी कर सकती है, मगर सत्ता की मुखिया नहीं बन पाएगी यानि इस बार इस पार्टी का मुख्यमन्त्री नहीं बन पाएगा|

भारतीय जनता पार्टी : 06-04-1980 रविवार

मूलांक:-6    भाग्यांक:-1     आयु-अंक:-1 (37 वाँ)   नामांक:-2      दिन-अंक:-1, 4

अमित शाह : 22-10-1964  गुरुवार

मूलांक:-4      भाग्यांक:-7      आयु-अंक:-7 (52 वाँ)      नामांक:-6     दिन-अंक:-3

सर्वानन्द सोनोवाल : 31-10-1962    बुधवार  

मूलांक:-4       भाग्यांक:-5        आयु-अंक:-9 (54 वाँ)    नामांक:-3    दिन-अंक:-5

भाजपा का भाग्यांक 1+भाजपा का आयु-अंक 1+भाजपा की स्थापना का दिन-अंक 1 व अमित शाह का मूलांक 4+सोनोवल का मूलांक 4+ भाजपा का दिन-अंक 4 असम के भाग्यांक 8 के साथ प्रबल विरोधी युति बनाता है| यह नेतृत्व के विरुद्ध जाती है| इस अंक 1 व अंक 4 की विधान सभा अंक 5 के साथ प्रबल मित्र युति बनती है| अंक 1 मतगणना के मूलांक 1 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| इन द्विगुणित तीनों युतियों का फलित यह है कि इस बार की विधान सभा में भाजपा अभी की तुलना में बहुत अच्छी स्थिति रह सकती है| हाँ, यह हो सकता है कि वह पूर्ण नेतृत्व न ले पाये यानि कि उसे पूर्ण बहुमत न मिल पाये व अकेली अपने दम पर सरकार न बना पाए| अमित शाह का जन्म का दिन-अंक 3+सोनोवाल का नामांक 3 असम के मूलांक 6+असम के आयु-अंक 6+मतगणना के भाग्यांक 6+असम के निर्माण के दिन-अंक 6+मतगणना के चलित अंक 6+असम के भाग्यांक 8+विधान सभा अंक 5 के साथ मित्र युति व असम के नामांक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रतिरूप युति बनाता है| अंक 8 लोकतन्त्र व न्याय का है| अंक 3 निर्णय का है| अतः ये युतियाँ बताती हैं कि इस बार मतगणना का परिणाम भाजपाई खेमे के पक्ष में जा सकता है| सोनोवाल का भाग्यांक 5+सोनोवल का दिन-अंक 5 व भाजपा का मूलांक 6+अमित शाह का नामांक 6 की मतगणना के दिन-अंक 3+असम के नामांक 3+मतगणना के वर्षांक 9 के साथ प्रबल विरोधी युतियाँ भाजपाई खेमे के विजय रथ की पूर्णता में बाधक बन सकती हैं| अंक 5 की अंक 1 के साथ मित्र युति भाजपा के चुनावोपरान्त नेतृत्व करने को लेकर निश्चिन्त करती है| अमित शाह का भाग्यांक 7+अमित शाह का आयु-अंक 7 मतगणना के मूलांक 1+असम के नामांक 3+मतगणना के दिन-अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बनाता है| अमित शाह के इन अंकों की अनुकूलता का लाभ निश्चित रूप से भाजपा के गठबंधन को मिलेगा और यह गठबंधन सबसे बड़ा समूह बन सकता है या सत्तासीन भी हो सकता है| अतः इन युतियों का विश्लेषण यह बताता है कि इस बार असम में भाजपाई गठबंधन बढ़त लेकर सरकार बना सकता है और भाजपा इस सूबे में सरकार न बना पाने का मलाल ख़त्म कर सकती है|

विधान सभा चुनावों के इस क्रम की अंतिम कड़ी के रूप में अगली पोस्ट मे बात करेंगे केरल की| ………… जय श्री राम|

आज की हस्ती : उदित नारायण


जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, इस स्तम्भ की सभी पोस्ट सम्बन्धित माह की पहली तारीख़ से पहले तैयार हो जाती हैं| दिसम्बर माह की सभी पोस्ट 01 दिसम्बर से पहले तैयार हो चुकी थीं, मगर समयाभाव के कारण हम इन्हें अब पोस्ट कर पा रहे हैं| इस कारण कुछ भविष्यवाणियों में परिवर्तन भी करना पड़ा क्योंकि तैयार करने और पोस्ट करने के बीच की अवधि में उनमें से कुछ सही भी साबित हो चुकीं| यह है 01 दिसम्बर की बात|
udit narayanउदित नारायण
(पार्श्वगायक)
जन्म-दिनांक:-01-12-1955
मूलांक:-1 भाग्यांक:-6 आयु अंक:-7 (61 वाँ वर्ष) नामांक:-4
# किसी परिजन सम्बन्धी ख़ास चिन्ता सम्भव है|
# पुत्र के जीवन सम्बन्धी विशिष्ट गतिविधि सम्भव है|
# विशिष्ट सम्मान/पुरस्कार मिल सकता है|
मिलते हैं अगली पोस्ट के साथ| ……… जय श्री राम|

आज की हस्ती : अनु मलिक


जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, इस स्तम्भ की सभी पोस्ट सम्बन्धित माह की पहली तारीख़ से पहले तैयार हो जाती हैं| नवम्बर माह की सभी पोस्ट 01 नवम्बर से पहले तैयार हो चुकी थीं, मगर समयाभाव के कारण हम इन्हें अब पोस्ट कर पा रहे हैं| इस कारण कुछ भविष्यवाणियों में परिवर्तन भी करना पड़ा क्योंकि तैयार करने और पोस्ट करने के बीच की अवधि में उनमें से कुछ सही भी साबित हो चुकीं| यह है 02 नवम्बर की बात का दूसरा भाग|
anu malikअनु मलिक
(फ़िल्म-संगीतकार)
जन्म-दिनांक:-02-11-1960
मूलांक:-2 भाग्यांक:-2 आयु अंक:-2 (56 वाँ वर्ष) नामांक:-5
# बड़ी को सफलता मिल पाना कठिन है|
# पुत्री को करियर में निराशा सम्भव है|
# किसी पुराने साथी फ़िल्मकार/बैनर के साथ फिर से काम कर सकते हैं|
मिलते हैं अगली पोस्ट के साथ| ……… जय श्री राम|

आज की हस्ती : शान


जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, इस स्तम्भ की सभी पोस्ट सम्बन्धित माह की पहली तारीख़ से पहले तैयार हो जाती हैं| सितम्बर माह की सभी पोस्ट 01 सितम्बर से पहले तैयार हो चुकी थीं, मगर समयाभाव के कारण हम इन्हें अब पोस्ट कर पा रहे हैं| इस कारण कुछ भविष्यवाणियों में परिवर्तन भी करना पड़ा क्योंकि तैयार करने और पोस्ट करने के बीच की अवधि में उनमें से कुछ सही भी साबित हो चुकीं| यह है 30 सितम्बर की बात|
shaanशान
(पार्श्वगायक)
जन्म-दिनांक:-30-09-1972
मूलांक:-3 भाग्यांक:-4 आयु अंक:-8 (44 वाँ वर्ष) नामांक:-6
# सफलता मिल सकती है|
# किसी टी वी कार्यक्रम का ख़ास हिस्सा बन सकते हैं|
# सम्मान/पुरस्कार मिल सकता है|
मिलते हैं अगली पोस्ट के साथ| ……… जय श्री राम|

आज की हस्ती : लता मंगेशकर


जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, इस स्तम्भ की सभी पोस्ट सम्बन्धित माह की पहली तारीख़ से पहले तैयार हो जाती हैं| सितम्बर माह की सभी पोस्ट 01 सितम्बर से पहले तैयार हो चुकी थीं, मगर समयाभाव के कारण हम इन्हें अब पोस्ट कर पा रहे हैं| इस कारण कुछ भविष्यवाणियों में परिवर्तन भी करना पड़ा क्योंकि तैयार करने और पोस्ट करने के बीच की अवधि में उनमें से कुछ सही भी साबित हो चुकीं| यह है 28 सितम्बर की बात का पहला भाग|
lata jiलता मंगेशकर
(पार्श्वगायिका)
जन्म-दिनांक:-28-09-1929
मूलांक:-1 भाग्यांक:-4 आयु अंक:-6 (87 वाँ वर्ष) नामांक:-4
# परिवार के किसी पुरुष को करियर में विशेष अनुकूलता सम्भव है|
# किसी परिजन/परिवार की महिला सदस्य से सम्बन्धित ख़ास चिन्ता सम्भव है|
# स्वास्थ्य झटका दे सकता है| यह झटका बड़ा भी हो सकता है|
मिलते हैं अगली पोस्ट के साथ| ……… जय श्री राम|

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